नेशनल न्यूज डेस्क | 04 सितम्बर 2026: एक युवक के कथित इंटरव्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिल्ली की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो में युवक कथित तौर पर एक प्रदर्शनकारी पर हमला करने और उसके सिर में गंभीर चोट पहुंचाने का दावा करता नजर आ रहा है।
इतना ही नहीं, वह कथित तौर पर यह भी कहता है कि हिंदुत्व और भाजपा नेताओं के प्रभाव के चलते उसे जेल नहीं जाना पड़ा और पुलिस ने उसे रात में ही छोड़ दिया।
वीडियो सामने आने के बाद युवक की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई है। शुक्रवार को ककरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में प्रदर्शन किया। कांग्रेस समेत कुछ अन्य विपक्षी नेताओं ने भी मामले में कार्रवाई की मांग उठाई है।
वायरल वीडियो में युवक ने क्या दावा किया?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज नाम के युवक के कथित इंटरव्यू का अंश सामने आया है। इसमें वह दावा करता सुनाई दे रहा है कि उसने एक व्यक्ति के सिर पर हमला किया था, जिसके बाद उसे गंभीर चोटें आई थीं।
वीडियो में युवक कथित तौर पर कहता है कि घायल व्यक्ति के सिर पर करीब 60 टांके आए थे और उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307 यानी हत्या के प्रयास का मामला बन सकता था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
युवक कथित तौर पर यह भी दावा करता है कि भाजपा विधायक कपिल मिश्रा के फोन के बाद उसे पुलिस ने छोड़ दिया। उसने भाजपा नेताओं के साथ अपने करीबी संबंध होने की बात भी कही।
20 जुलाई के प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
बताया जा रहा है कि पूरा विवाद 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए ककरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान हिंसा और अराजकता के आरोप सामने आए थे।
ककरोच जनता पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया है कि इसी दौरान एक दलित युवक, जिसे पार्टी ने संजय नाम से संबोधित किया, के साथ मारपीट की गई थी। पार्टी का दावा है कि युवक के सिर में गंभीर चोट आई थी और उसकी हालत बेहद खराब हो गई थी।
वहीं, दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शन के दौरान हिंसा और अव्यवस्था को लेकर पहले अलग दावे किए गए थे। ऐसे में वायरल वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर राजनीतिक विवाद और गहरा गया है।
पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल
वायरल वीडियो में किए गए कथित दावों के कारण पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। युवक के कथित बयान के अनुसार, उसे हिरासत में लिए जाने के बावजूद प्रभावशाली लोगों के हस्तक्षेप के बाद रात में ही छोड़ दिया गया।
हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि उस समय पुलिस ने युवक के खिलाफ कौन-सी कानूनी कार्रवाई की थी या मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
ऐसे में वायरल वीडियो के आधार पर लगाए जा रहे आरोपों की पुलिस जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड से पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन
वीडियो वायरल होने के बाद ककरोच जनता पार्टी ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। पार्टी के नेता सौरभ दास ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान संजय नाम के युवक के सिर पर गंभीर हमला किया गया था।
पार्टी का कहना है कि मामले में हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई होनी चाहिए थी। संगठन ने पुलिस पर शिकायत को गंभीरता से नहीं लेने का भी आरोप लगाया है।
शुक्रवार को दिल्ली में पार्टी कार्यकर्ताओं ने युवक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
मामले के सामने आने के बाद दिल्ली की राजनीति में भी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। विपक्षी दलों ने वायरल वीडियो को आधार बनाकर कानून-व्यवस्था और पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
दूसरी ओर, पूरे मामले में संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और पुलिस की विस्तृत जांच का इंतजार है। वायरल वीडियो में किए गए दावों की सत्यता, घटना में युवक की वास्तविक भूमिका और पुलिस कार्रवाई का पूरा विवरण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
निष्कर्ष
वायरल वीडियो ने एक पुराने प्रदर्शन से जुड़े विवाद को फिर से चर्चा में ला दिया है। युवक द्वारा कथित तौर पर किए गए गंभीर दावों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उस घटना की निष्पक्ष जांच हुई थी और क्या सभी आरोपियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की गई? पुलिस की आधिकारिक जांच और उपलब्ध दस्तावेज ही इस विवाद की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट कर पाएंगे।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।



