वाराणसी। सनातन धर्म में नव वर्ष का आगाज चैत्र महीने से होता है। यह वह समय होता है जब प्रकृति खुद को नए रंग में ढालती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, हिंदू नव वर्ष की शुरुआत चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है।
यह पावन तिथि 19 मार्च 2026, गुरुवार को पड़ रही है, जो हमारे जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लाने का एक महाअवसर है। कहा जाता है कि साल के पहले दिन अगर सच्ची भक्ति के साथ अपने ईष्ट की पूजा की जाए, तो पूरे साल जीवन में धन-दौलत की कमी नहीं होती है।
ऐसे में सुबह स्नान करें। इसके बाद देवी का ध्यान करते हुए उनके सामने अखंड दीपक जलाएं। फिर मां दुर्गा के 108 नामों का जप करें। उनकी भाव के साथ आरती करें। ऐसा करने से माता रानी की कृपा मिलती है।
।।मां दुर्गा के 108 नाम।।
1. ॐ श्रियै नमः
2. ॐ उमायै नमः
3. ॐ भारत्यै नमः
4. ॐ भद्रायै नमः
5. ॐ शर्वाण्यै नमः
6. ॐ विजयायै नम
7. ॐ जयायै नमः
8. ॐ वाण्यै नमः
9. ॐ सर्वगतायै नमः
10. ॐ गौर्यै नमः
11. ॐ वाराह्यै नमः
12. ॐ कमलप्रियायै नमः
13. ॐ सरस्वत्यै नमः
14. ॐ कमलायै नमः
15. ॐ मायायै नमः
16. ॐ मातंग्यै नमः
17. ॐ अपरायै नमः
18. ॐ अजायै नमः
19. ॐ शांकभर्यै नमः
20. ॐ शिवायै नमः
21. ॐ चण्डयै नमः
22. ॐ कुण्डल्यै नमः
23. ॐ वैष्णव्यै नमः
24. ॐ क्रियायै नमः
25. ॐ श्रियै नमः
26. ॐ ऐन्द्रयै नमः
27. ॐ मधुमत्यै नमः
28. ॐ गिरिजायै नमः
29. ॐ सुभगायै नमः
30. ॐ अंबिकायै नमः
31. ॐ तारायै नमः
32. ॐ पद्मावत्यै नमः
33. ॐ हंसायै नमः
34. ॐ पद्मनाभसहोदर्यै नमः
35. ॐ अपर्णायै नमः
36. ॐ ललितायै नमः
37. ॐ धात्र्यै नमः
38. ॐ कुमार्यै नमः
39. ॐ शिखवाहिन्यै नमः
40. ॐ शांभव्यै नमः
41. ॐ सुमुख्यै नमः
42. ॐ मैत्र्यै नमः
43. ॐ त्रिनेत्रायै नमः
44. ॐ विश्वरूपिण्यै नमः
45. ॐ आर्यायै नमः
46. ॐ मृडान्यै नमः
47. ॐ हींकार्यै नमः
48. ॐ क्रोधिन्यै नमः
49. ॐ सुदिनायै नमः
50. ॐ अचलायै नमः
51. ॐ सूक्ष्मायै नमः
52. ॐ परात्परायै नमः
53. ॐ शोभायै नमः
54. ॐ सर्ववर्णायै नमः
55. ॐ हरप्रियायै नमः
56. ॐ महालक्ष्म्यै नमः
57. ॐ महासिद्धयै नमः
58. ॐ स्वधायै नमः
59. ॐ. स्वाहायै नमः
60. ॐ मनोन्मन्यै नमः
61. ॐ त्रिलोकपालिन्यै नमः
62. ॐ उद्भूतायै नमः
63. ॐ त्रिसन्ध्यायै नमः
64. ॐ त्रिपुरान्तक्यै नमः
65. ॐ त्रिशक्त्यै नमः
66. ॐ त्रिपदायै नमः
67. ॐ दुर्गायै नमः
68. ॐ ब्राह्मयै नमः
69. ॐ त्रैलोक्यवासिन्यै नमः
70. ॐ पुष्करायै नमः
71. ॐ अत्रिसुतायै नमः
72. ॐ गूढ़ायै नमः
73. ॐ त्रिवर्णायै नमः
74. ॐ त्रिस्वरायै नमः
75. ॐ त्रिगुणायै नमः
76. ॐ निर्गुणायै नमः
77. ॐ सत्यायै नमः
78. ॐ निर्विकल्पायै नमः
79. ॐ निरंजिन्यै नमः
80. ॐ ज्वालिन्यै नमः
81. ॐ मालिन्यै नमः
82. ॐ चर्चायै नमः
83. ॐ क्रव्यादोप निबर्हिण्यै नमः
84. ॐ कामाक्ष्यै नमः
85. ॐ कामिन्यै नमः
86. ॐ कान्तायै नमः
87. ॐ कामदायै नमः
88. ॐ कलहंसिन्यै नमः
89. ॐ सलज्जायै नमः
90. ॐ कुलजायै नमः
91. ॐ प्राज्ञ्यै नमः
92. ॐ प्रभायै नमः
93. ॐ मदनसुन्दर्यै नमः
94. ॐ वागीश्वर्यै नमः
95. ॐ विशालाक्ष्यै नमः
96. ॐ सुमंगल्यै नमः
97. ॐ काल्यै नमः
98. ॐ महेश्वर्यै नमः
99. ॐ चण्ड्यै नमः
100. ॐ भैरव्यै नमः
101. ॐ भुवनेश्वर्यै नमः
102. ॐ नित्यायै नमः
103. ॐ सानन्दविभवायै नमः
104. ॐ सत्यज्ञानायै नमः
105. ॐ तमोपहायै नमः
ज्योतिर्विद रत्न वास्तु दैवज्ञ
पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री
मो. 99938 74848

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