कोलकाता | 12 नवंबर 2025 — पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, जो एसएससी भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपियों में शामिल हैं, को तीन साल और तीन महीने बाद मंगलवार को जमानत मिल गई।
उन्हें 23 जुलाई 2022 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद CBI मामलों में सुप्रीम कोर्ट की शर्तों के तहत उनकी रिहाई गवाहों की पूछताछ पूरी होने के बाद संभव हुई।
🏥 अस्पताल से रिहाई
- 203 दिनों से भर्ती थे
- स्थान: मुकुंदपुर, दक्षिण-पूर्व कोलकाता का निजी अस्पताल
- जमानत बांड भरने के बाद न्यायिक हिरासत से रिहा
- स्वास्थ्य कारणों से लंबे समय से अस्पताल में थे
पिछले 203 दिनों से दक्षिण-पूर्व कोलकाता के मुकुंदपुर इलाके के एक निजी अस्पताल में भर्ती चटर्जी को जमानत बांड भरने के बाद न्यायिक हिरासत से रिहा कर दिया गया।

🕵️♂️ कानूनी प्रक्रिया और शर्तें
- ED मामलों में पहले ही जमानत मिल चुकी थी
- CBI मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने शर्त रखी थी:
- जब तक गवाहों की पूछताछ पूरी नहीं होती, रिहाई नहीं दी जाएगी
- निचली अदालत में पूछताछ पूरी हुई, जिसके बाद रिहाई संभव हुई
उन्हें पहले ईडी के मामलों में जमानत दी गई थी, जबकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें संबंधित सीबीआई मामलों में इस शर्त पर जमानत दी थी कि जब तक एजेंसी गवाहों से पूछताछ पूरी नहीं कर लेती, तब तक उन्हें रिहा नहीं किया जाएगा।
📚 एसएससी भर्ती घोटाले की पृष्ठभूमि
- शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं
- बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप
- पार्थ चटर्जी पर पद का दुरुपयोग और आर्थिक गड़बड़ी के आरोप
- ED और CBI दोनों एजेंसियाँ जांच में शामिल
चटर्जी के अनुयायी बड़ी संख्या में अस्पताल के सामने इकट्ठे हो गए थे और भावुक माहौल के बीच ‘पार्थ दा जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे, जब तृणमूल कांग्रेस के पूर्व महासचिव अपनी कार में सवार होकर दक्षिण कोलकाता में नाकतल्ला स्थित अपने आवास के लिए रवाना हुए।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।



