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पार्कवे कैंसर सेंटर ने बताया मल्टीडिसिप्लीनरी कैंसर केयर एप्रोच का महत्त्व

कोलकाता 11 जुलाई 2025: भारत में हर साल कैंसर के 14 लाख से ज़्यादा मामले सामने आते हैं। इन मरीज़ों में से ज़्यादातर का स्टेज तीन या चार में पता चलता है , जिससे पूरा इलाज एक जटिल प्रक्रिया का रूप ले लेता है। ऐसे हालात में, मल्टीडिसिप्लीनरी एप्रोच न सिर्फ़ इलाज में तेज़ी लाते है, बल्कि मरीज़ों को बेहतर नतीजे भी देती है क्योंकि यह मृत्यु दर में कमी लाकर जीवित रहने की दर बढ़ा देती है।

कैंसर केयर प्रोसेस लगातार तेज़ी से उन्नत हो रहा है। मल्टीडिसिप्लीनरी एप्रोच में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम सिर्फ़ बीमारी के इलाज से कहीं आगे बढ़कर सही मार्गदर्शन और इमोशनल सपोर्ट देकर पूरे उपचार के दौरान रोगी की मदद करती है। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्र के विशेषज्ञों के बीच बेहतर सहयोग और बातचीत की आवश्यकता होती है। सिंगापुर स्थित पार्कवे कैंसर सेंटर ने दशकों पहले एक छोटी सी टीम के साथ इस एप्रोच की शुरुआत की थी, और आज यह इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

डॉ. आंग पेंग तिआम, वरिष्ठ सलाहकार, मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट और चिकित्सा निदेशक ने बताया, “मल्टीडिसिप्लीनरी एप्रोच, मरीज़ों की इलाज प्रक्रिया को सरल बना देता है क्योंकि इससे उन्हें अलग-अलग अपॉइंटमेंट्स नहीं लेने पड़ती। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी मरीज को एचईआर-2 पॉजिटिव स्तन कैंसर का पता चलता है, तो उसे निदान के लिए एक स्त्री रोग विशेषज्ञ, ट्यूमर का ऑपरेशन करने वाले एक सर्जन और अंग के सर्जिकल रिक्रिएशन के लिए एक प्लास्टिक सर्जन से मिलना होगा। लेकिन एक मल्टीडिसिप्लीनरी टीम द्वारा यह प्रक्रिया एक ही प्लांड मॉड्यूल में सरलता के साथ निपटाई जा सकती है। इससे न केवल मरीज़ों का समय बचता है, बल्कि उन्हें भावनात्मक कष्ट और ट्रॉमा भी कम होता है।”

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कोआर्डिनेटेड टीमों के अलावा, यह एप्रोच वर्चुअल एक्सपर्ट टीमों के माध्यम से भारत में कैंसर की समस्या से निपटने में भी मदद करती है। ये टीमें शहरी और ग्रामीण भारत के बीच की खाई को मिटाने में भी मदद करती हैं क्योंकि ये स्थानीय डॉक्टरों को बेहतर उपचार कार्यक्रम बनाने में मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।

इस क्षेत्र के विशेषज्ञ के रूप में, डॉ. आंग ने आगे बताया कि कैसे पीसीसी सिंगापुर मरीजों को ये सेवाएं निर्बाध रूप से प्रदान करने के लिए अग्रणी स्थिति में है। इस एप्रोच के लाभों को हाईलाइट करते हुए उन्होंने निम्न बिंदुओं के बारे मे जानकारी दी :

• व्यक्तिगत उपचार योजनाएं – इस एप्रोच से आनुवंशिक प्रोफ़ाइल और जीवन शैली सहित व्यक्तिगत आवश्यकताओं का सावधानी पूर्वक मूल्यांकन करने में मदद मिलती है। इससे प्रत्येक रोगी की प्रोफ़ाइल के अनुरूप एक अत्यंत विशिष्ट और रिस्पॉन्सिव ट्रीटमेंट प्लान बनाने में मदद मिलती है।

• एक्सपर्ट कंसेंसस – इस एप्रोच में मल्टीडिसिप्लीनरी विशेषज्ञों की एक पूरी टीम मामले का विश्लेषण करती है। इससे रोगियों के लिए सुचारू देखभाल और सर्वोत्तम विकल्पों के साथ, अत्यंत सुविचारित, एविडेंस-बेस्ड ट्रीटमेंट प्लांस तैयार करना संभव हो पाता है।

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• सीमलेस कोआर्डिनेशन – यह एप्रोच पूरी तरह से इंटीग्रेटिड देखभाल के साथ उपचार के प्रोसेस को आसान बनाने में मदद करता है। इसमें उपचार, परीक्षण और अपॉइंटमेंट का प्रबंधन शामिल है, जिससे प्रतीक्षा समय बहुत कम हो जाता है और कैंसर उपचार से जुड़ी सामान्य समस्याएं काफी हद तक कम हो जाती हैं।

• होलिस्टिक पेशंट सपोर्ट – यह उपचार विधि क्लिनिकल इंटरवेंशन्स तक ही सीमित नहीं है। यह एप्रोच उपचार और रिकवरी के दौरान दर्द प्रबंधन, मनोवैज्ञानिक परामर्श, पोषण संबंधी मार्गदर्शन और पैलिएटिव केयर सहित पूर्ण सहायता प्रदान करती है।

पार्कवे कैंसर केयर भारत में कैंसर केयर के मानकों को ऊंचा उठाने के लिए तत्पर है तथा यह सुनिश्चित करता है कि मल्टीडिसिप्लीनरी एप्रोच के माध्यम से प्रत्येक रोगी को रिकवरी प्रोसेस के दौरान कॉम्प्रीहेंसिव, कोआर्डिनेटेड और कम्पेशनेट सपोर्ट मिले, जो रोगी की स्थिति में सुधार करके कैंसर केयर क्षेत्र में एक सकारात्मक परिवर्तन लाता है।

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