पटना, 10 फरवरी 2026: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को 31 साल पुराने एक मामले में अदालत से बड़ी राहत मिली है। पटना की अदालत ने मंगलवार को गर्दनीबाग थाना के 552/95 मामले में उन्हें जमानत दे दी।
सांसद के वकील शिवनंदन भारती ने बताया कि अदालत ने जमानत मंजूर कर ली है। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पप्पू यादव जेल से रिहा होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बुद्धा कॉलोनी थाना के एक अलग मामले में 11 फरवरी को सुनवाई होगी।
गिरफ्तारी और हाई-वोल्टेज ड्रामा
पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात उनके पटना स्थित मंदिरी घर से गिरफ्तार किया गया था। यह कार्रवाई अदालत द्वारा जारी संपत्ति अटैचमेंट वारंट के बाद हुई, क्योंकि वे बार-बार सुनवाई में पेश नहीं हो रहे थे।

गिरफ्तारी के दौरान समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। उन्हें पहले आईजीआईएमएस ले जाया गया, फिर अगले दिन पीएमसीएच में शिफ्ट किया गया।
शनिवार को बुद्धा कॉलोनी थाने में गिरफ्तारी में बाधा और सरकारी कार्य में व्यवधान के आरोप में सांसद को नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसी वजह से वे अभी न्यायिक हिरासत में हैं और जमानत मिलने के बावजूद तुरंत बाहर नहीं आ पाएंगे।
मामला क्या है?
गर्दनीबाग थाना में 1995 में दर्ज धोखाधड़ी का यह मामला है। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि सांसद ने उनके घर को धोखे से किराए पर लिया और बाद में उसे अपने ऑफिस के तौर पर इस्तेमाल किया। शिकायत में दावा किया गया कि समझौते के समय यह बात छिपाई गई थी।
पप्पू यादव ने इस मामले में बार-बार सुनवाई में पेशी से परहेज किया, जिसके बाद अदालत ने संपत्ति अटैचमेंट वारंट जारी किया था। अब जमानत मिलने से यह लंबा कानूनी विवाद एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है।
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