कोलकाता। महानगर की प्रतिष्ठित एवं साहित्यिक संस्था बंगीय हिंदी परिषद् में सम्मान समारोह, नवजागरण दिवस, हिंदी दिवस एवं कविकल्प का आयोजन किया गया। कार्यक्रम दो सत्रों में विभक्त था। प्रथम सत्र में शिक्षा एवं साहित्य को समर्पित तीन वरेण्य विभूतियों यथा डॉ. बाबूलाल शर्मा, नंदलाल सेठ ‘रोशन’ एवं हलिम साबिर को क्रमशः आचार्य ललिता प्रसाद सुकुल सम्मान, आचार्य विष्णुकांत शास्त्री सम्मान एवं प्रोफेसर रामनाथ तिवारी सम्मान से सम्मानित किया गया।
स्वागत वक्तव्य में परिषद् के मंत्री डॉ. राजेन्द्र नाथ त्रिपाठी ने समस्त श्रोताओं एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए परिषद् की गरिमा से अवगत कराया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई जिसे प्रणति ठाकुर ने प्रस्तुत किया। प्रधान अतिथि के रूप में कवि मार्तण्ड जी उपस्थित थे।
अध्यक्षीय वक्तव्य में पूर्व पुलिस उप महानिदेशक शशिकांत पुजारी ने समस्त सम्मानित विभूतियों के प्रति कृतज्ञता अर्पित करते हुए परिषद् के महत्व को दर्शाया। प्रथम सत्र का कुशल संचालन प्रोफेसर दिव्या प्रसाद ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन वर्षा पुजारी ने किया।

दूसरे सत्र में कविकल्प का आयोजन हुआ। अध्यक्षीय वक्तव्य में कवि मार्तण्ड जी ने समस्त कवियों द्वारा पढ़ी गई कविताओं की सराहना की।
उपस्थित कवियों में- कमल पुरोहित, जफर अहमद, समीर पासवान, शिप्रा मिश्रा, रोहित साव, राम पुकार सिंह, मनोज मिश्र, वी.जे. ठाकुर, रामनारायण झा, चंद्रिका प्रसाद पाण्डेय ‘अनुरागी’, मोहम्मद अय्युब वारसी ‘कलकतवी’, विश्वजीत शर्मा, ऊषा जैन, दयाशंकर मिश्र, कृष्ण कुमार दूबे, नंदू बिहारी तथा राजन शर्मा उपस्थित थे।
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रदीप कुमार धानुक और ज़ोया अहमद ने किया। धन्यवाद ज्ञापन परिषद् के अध्यक्ष प्रियंकर पालीवाल ने किया।
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