खड़गपुर। आईआईटी खड़गपुर पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक 1, आई.आई.टी. खड़गपुर का परिसर देशभक्ति, गौरव और एकता की भावना से ओत-प्रोत हो उठा, जब विद्यालय में भारत का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस अत्यन्त उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। यह वर्ष विशेष रूप से महत्वपूर्ण था, क्योंकि बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय रचित राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने का राष्ट्रीय स्मरणोत्सव चल रहा था।
‘वन्दे मातरम्’ – मातृभूमि को नमन करने का वह अमर उद्घोष जो भारत की स्वतंत्रता-यात्रा में निरन्तर गूँजा और आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है – का यह वर्ष भर चलने वाला स्मरणोत्सव उसी अमर विरासत का उत्सव है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जन-जन में प्रेरणा और राष्ट्रभक्ति का प्रबल संचार किया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ ‘वन्दे मातरम्’ के भावपूर्ण सामूहिक गायन से हुआ। इसके पश्चात राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया। प्रातः के उज्ज्वल आकाश के तले, जब तिरंगा गर्व के साथ लहराया, तब विद्यालय परिवार ने एक स्वर में खड़े होकर अतीत के बलिदानों और वर्तमान कर्तव्यों का भावपूर्ण स्मरण किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यार्थियों की प्रतिभा का मनोहारी प्रदर्शन देखने को मिला। कक्षा V‑B के आर्यनील दास ने भावपूर्ण देशभक्ति कविता प्रस्तुत की, जबकि कक्षा I‑B की समृद्धि प्रकाश ने आत्मविश्वास से ओत-प्रोत भाषण दिया। नन्ही वक्ता के शब्दों ने समारोह में सहजता, मासूमियत और नवीन ऊर्जा का संचार किया। इसके पश्चात मधुर देशभक्ति समूहगान ने पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम की भावना से भर दिया।
देशभक्ति की भावना को आगे बढ़ाते हुए कक्षा VII‑D की अनुष्का माइती ने प्रेरणादायी भाषण दिया। उन्होंने स्वतंत्रता के महत्व तथा देश के भविष्य के निर्माण में युवा नागरिकों की भूमिका और उत्तरदायित्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का एक विशेष क्षण था – विद्यांजलि कार्यक्रम के अन्तर्गत सामुदायिक स्वयंसेविका सुश्री बी. मैरी का सम्मान। विद्यालय समुदाय के प्रति उनके बहुमूल्य योगदान के लिए उन्हें कृतज्ञतापूर्वक सम्मानित किया गया।
इसके पश्चात बाल वाटिका के नन्हे‑मुन्ने विद्यार्थियों ने जीवंत सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमुदाय को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी मनोहर प्रस्तुति ने वातावरण में उल्लास और प्रसन्नता भर दी।
अगला क्रम था – मनीष जी, TGT (हिन्दी) का प्रेरणादायी संबोधन। उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल समारोहों और उत्सवों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक आचरण, अनुशासन, करुणा, सद्भाव और उत्तरदायित्व बोध में भी प्रतिबिम्बित होनी चाहिए। उनके शब्दों ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि राष्ट्र के प्रति सच्ची निष्ठा हमारे कर्मों और चरित्र से प्रकट होती है।
विद्यार्थियों ने पुनः एक ऊर्जावान देशभक्ति समूह नृत्य प्रस्तुत किया। रंगों और उत्साह से परिपूर्ण इस प्रस्तुति ने मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और प्रेम को अत्यन्त प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया।
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. रिकिशा भौमिक, प्राचार्या, ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वतंत्रता के मूल्य को समझें तथा जिम्मेदार नागरिक बनें।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि केवल शब्दों में नहीं, बल्कि ईमानदारी, करुणा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा से युक्त कर्मों में प्रकट होती है, और प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह अपने कर्तव्यों का पालन कर एक बेहतर भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान दे।
जैसा कि रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने भारत के संबंध में एक ऐसे स्वप्न की कल्पना की थी जहाँ “मन भय से मुक्त हो और मस्तक ऊँचा रहे,” पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक 1 का यह समारोह उसी भावना का सजीव प्रतिबिम्ब रहा।
एक ऐसे युवा भारत की झलक, जो अतीत के बलिदानों और मूल्यों को अपने हृदय में संजोए आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर अग्रसर है। कार्यक्रम का समापन जलपान वितरण के साथ हुआ। सभी के हृदय में राष्ट्र के प्रति नवीन गर्व, कृतज्ञता और आशा का भाव था।
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