कोलकाता । युवा दलित साहित्यकार मंच, पश्चिम बंगाल और विजन पे बैक टू सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान पर हिंदी दलित साहित्य के प्रमुख हस्ताक्षर ओमप्रकाश वाल्मीकि जयंती का आयोजन बैरकपुर गांधी संग्रहालय सेमिनार हाल में किया गया। कार्यक्रम का पहला सत्र प्रमुख अतिथियों के अभिवादन से हुआ।

वही दूसरा सत्र ‘ओमप्रकाश वाल्मीकि की आलोचना दृष्टि और रचना ‘पर आयोजित किया गया जिसमें मुख्य वक्ता कलकत्ता विश्वविद्यालय के तुलनात्मक भाषा विभाग के सहायक प्रध्यापक एवं अनुवादक डॉ. मृण्मय प्रमाणिक, महाराजा श्रीशचंद्र कॉलेज के हिंदी विभाग के सहायक प्रध्यापक डॉ.कार्तिक चौधरी, पी.एन. दास कॉलेज से प्रो. अजय चौधरी और अध्यक्षता बांग्ला दलित साहित्य की चर्चित लेखिका डॉ. पुष्प वैराग्य ने किया। सत्र के अंत में प्रो.अजय चौधरी द्वारा लिखित पुस्तक ‘नागार्जुन के उपन्यासों में जन आंदोलन’ का लोकार्पण किया गया।

कार्यक्रम का तीसरा सत्र कविता पाठ का रहा जिसमें कवियत्री प्रियंका सहानी, शिवप्रकाश दास, रामजीत राम ‘उन्मेष’, प्रो. नीतू चौहान, शिक्षक कार्तिक बाँसफोर, सूरज पासवान ने स्वरचित कविता पाठ किया। कार्यक्रम में कोलकाता की प्रमुख संस्थाओं से सुरेशना वाल्मीकि, सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णपाल वाल्मीकि, ओमप्रकाश वाल्मीकि, एडवोकेट राजेंद्र प्रसाद, एडवोकेट अशोक कुमार वाल्मीकि, रबी वाल्मीकि, अशोक कुमार वाल्मीकि, सुरेश राम वाल्मीकि, रामसरन बाल्मीकि, वेद प्रकाश बाल्मीकि, मुकेश बाल्मीकि एवं दिपेश हेला।

हावड़ा से मनोज कुमार सकटेल, अभिशेख हेला, सौरभ सकटेल, राह संस्था से मणिकांत साव, सूरज पासवान के अलावा रिसड़ा से धर्मराज राम, बिनोद राम, शशिकांत प्रसाद, राम बच्चन यादव युवा आलोचक एवं अनुवादक ब्रजेश प्रसाद, राजभाषा अधिकारी ब्रजेश यादव, जय प्रकाश राम, शिक्षक राजेंद्र चौधरी, चेतना लहर पत्रिका के सम्पादक अंनत आचार्य, निष्पलक पत्रिका के सह-सम्पादक शिक्षक सहाबुल इस्लाम आदि लोगों की सक्रिय भागीदारी रही।4b2ea2ba-f100-4e25-915d-971ba8cd9b03

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