नैहाटी। गौरीपुर मैत्रेयी ग्रन्थागार में हिन्दी साहित्य भारती उत्तर 24 परगना का प्रथम अधिवेशन सम्पन्न हुआ। हिन्दी साहित्य भारती
आज हमारे देश की सबसे बड़ी संस्था है जो मानवता और साहित्य की सेवा में लगी है। “मानव बन जाए जग सारा, ये पावन संकल्प हमारा” का अनुपम संकल्प लेकर मानव मात्र के कल्याणार्थ संस्था भारत सहित विश्व के 37 से अधिक देशों में सक्रियता के साथ जुटी है।
यह उद्देश्य सनातन धर्म के सिद्धांतों से ही पाया जा सकता है। क्योंकि इसमें किसी भी उपासना पद्धति को स्वीकार करने का दुराग्रह नहीं है, सनातन का स्वभाव ही पंथ निरपेक्षता है। गिनीज बुक में भी संस्था स्थान बना चुकी है।
देश के बड़े बड़े साहित्यकार, विचारक, लेखक, प्रोफेसर, कवि इसमें सम्मिलित हैं। इसके अन्तरराष्ट्रीय अध्यक्ष हैं उ.प्र. के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ रवींद्र शुक्ल जी। पश्चिम बंगाल में भी हिन्दी साहित्य भारती उत्तर 24 परगना इकाई का गठन हुआ।

संस्था की केन्द्रीय मंत्री एंव प्रभारी डॉ. सुनीता मंडल, अध्यक्ष डॉ. इंदु सिंह, उपाध्यक्ष राजेश पांडे, महामंत्री रूद्रकांत झा, संयुक्त महामंत्री डॉ. आरती शर्मा, मंत्री मनोज कुमार, डॉ. कलावती, सिद्धार्थ पासवान,
डॉ. विक्रम साव, उपदेश दर्जी, सोनी कुमारी साव, अभिषेक कुमार, संजना कुमारी, कार्तिक बांसफोर उपस्थित रहे। सभी ने हिन्दी साहित्य और भारती की सेवा हेतु संकल्प लिया।
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