खड़गपुर : भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर द्वारा समर्थित “रक्ताल्पक्यूआर” किट को एनीमिया की त्वरित जांच के लिए आधिकारिक रूप से अनुशंसित किया है।
संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि यह किट एक पोर्टेबल और बेहद आसान तकनीक है, जिससे कुछ ही मिनटों में खून की कमी (एनीमिया) की जांच की जा सकती है। इसमें उंगली से हल्का सा रक्त नमूना लेकर कागज-आधारित तकनीक और स्मार्टफोन के जरिए तुरंत परिणाम मिल जाता है।
इस किट को प्रो. सुमन चक्रवर्ती के मार्गदर्शन में विकसित किया गया है। नई दिल्ली स्थित वर्धमान महावीर चिकित्सा महाविद्यालय एवं सफदरजंग अस्पताल में इसके परीक्षण के बाद इसे अस्पतालों में उपयोग के लिए उपयुक्त पाया गया है।
यह तकनीक एनीमिया मुक्त भारत अभियान और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जैसे सरकारी कार्यक्रमों को मजबूत करेगी, क्योंकि इससे समय पर एनीमिया की पहचान और इलाज संभव हो सकेगा।
प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने कहा कि यह किट सस्ती, आसान और प्रभावी है, जो देश में एनीमिया जैसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या से निपटने में मदद करेगी।
आईआईटी खड़गपुर का यह प्रयास दिखाता है कि देश में ऐसी स्वदेशी तकनीकें विकसित की जा रही हैं, जो आम लोगों तक सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में मददगार साबित होंगी।
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