कोलकाता | 01 अक्टूबर 2026: राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, क्षेत्रीय केन्द्र, कोलकाता में हिंदी उत्सव–2026 के अवसर पर दिनांक 29 सितंबर 2026 को क्षेत्रीय कार्यालय के सभागार में विभिन्न कार्यक्रमों, हिंदी प्रतियोगिताओं एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता चंचल कुमार सिंह, क्षेत्रीय निदेशक, क्षेत्रीय केन्द्र, कोलकाता द्वारा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. बिक्रम कुमार साव, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, हिन्दी विभाग, बैरकपुर राष्ट्रगुरु सुरेन्द्रनाथ कॉलेज, बैरकपुर, पश्चिम बंगाल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य
हिंदी उत्सव–2026 के अवसर पर क्षेत्रीय निदेशक महोदय के मार्गदर्शन में हिंदी के प्रचार-प्रसार, राजभाषा के अधिकाधिक प्रयोग तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिंदी के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय केन्द्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा आमंत्रित अतिथि ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ प्रिया भारती द्वारा अपने स्वागत संबोधन से किया गया।
क्षेत्रीय निदेशक का संबोधन
तत्पश्चात क्षेत्रीय निदेशक महोदय द्वारा हिंदी उत्सव के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने राजभाषा हिंदी के महत्व तथा कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिंदी में कार्य करने तथा हिंदी से संबंधित गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संप्रेषण का माध्यम ही नहीं, बल्कि कार्यालयीन कार्यों को सरल, सहज एवं प्रभावी बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।
मुख्य अतिथि का संबोधन
मुख्य अतिथि डॉ. बिक्रम कुमार साव ने उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने हिंदी भाषा के महत्व, उसके व्यापक स्वरूप तथा कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि अध्ययन-अध्यापन की दृष्टि से हिंदी का राष्ट्रीय स्वरूप केवल पाठ्यक्रम की भाषा नहीं, बल्कि चिंतन की भाषा भी है। कक्षा में हम छात्रों को पढ़ाते हैं कि हिंदी ‘क’ क्षेत्र की नहीं, पूरे भारत की संपर्क भाषा है।
जब पश्चिम बंगाल का छात्र हिंदी सीखता है, तो वह केवल एक विषय नहीं सीखता, वह पंजाब के किसान और तमिलनाडु के वैज्ञानिक से जुड़ने का सेतु सीखता है।
राष्ट्रीय स्वरूप का अर्थ है – समावेशिता। हिंदी ने बांग्ला के ‘जल’, मराठी के ‘आपला’, तमिल के ‘अन्ना’ जैसे शब्दों को अपनाया है।
यही इसकी ताकत है। आज NEP 2020 मातृभाषा में शिक्षा पर बल दे रही है, पर साथ ही बहुभाषिकता की बात भी कर रही है। इसलिए हमारा दायित्व है कि हम हिंदी को शुद्धतावाद के बंधन से निकालकर, सरल, सहज और रोजगारपरक बनाएं।
प्रतियोगिताओं के परिणाम
हिंदी उत्सव–2026 के अवसर पर क्षेत्रीय केन्द्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
राजभाषा प्रश्नमंच
- प्रथम पुरस्कार: सुमित कटारिया
- द्वितीय पुरस्कार: शुभजॉय मैती
- तृतीय पुरस्कार: अनूप कुमार गुप्ता
कविता पाठ प्रतियोगिता
- प्रथम पुरस्कार: रणधीर कुमार
- द्वितीय पुरस्कार: प्रिया भारती
- तृतीय पुरस्कार: रामतनु रॉय
प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए जाने के उपरांत विजेता प्रतिभागियों को क्षेत्रीय निदेशक महोदय द्वारा पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय निदेशक महोदय ने मुख्य अतिथि डॉ. बिक्रम कुमार साव को भी सम्मानित किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रिया भारती द्वारा सभी उपस्थित अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों को हिंदी उत्सव–2026 के सफल आयोजन हेतु हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
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