कोलकाता। नए वर्ष में सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ना केवल भ्रष्टाचार युक्त अपनी छवि को बदलकर साफ-सुथरी करने में जुटी है बल्कि नेतृत्व को लेकर स्पष्ट संदेश दे रही है। सोमवार को नजरुल मंच में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित किया। वहां मंच पर बीच में ममता बनर्जी बैठी थीं, उनकी बाईं ओर पार्टी के राज्य अध्यक्ष सुब्रत बख्शी और दाहिने ओर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी थे। इसके अलावा पार्टी के किसी भी नेता को मंच पर जगह नहीं मिली।

12यहां तक कि ममता के बेहद खास माने जाने वाले फिरहाद हकीम भी दर्शक दीर्घा में बैठे थे जो इस बात का संकेत है कि अब पार्टी में जिम्मेवारी के मुताबिक नेतृत्व को स्वीकार करने का संदेश दिया जा रहा है। जब शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार पार्थ चटर्जी जैसे नेता ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होते थे तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मंच पर बैठते थे। लेकिन अब किरकिरी से सबक लेते हुए तृणमूल कांग्रेस ने छवि सुधारने में अपनी ताकत झोंकनी शुरू कर दी है।

खास बात यह है कि मंच पर जब ममता बनर्जी बैठी थीं तब उन्होंने कई महत्वपूर्ण टिप्पणियां भी की जिसमें मुख्य रुप से उन्होंने कहा कि कोई भी पार्टी से ऊपर नहीं है। सबको जिम्मेवारी लेकर काम करनी होगी। ममता ने कहा कि मैं काम काम करते करते मर जाऊं और दूसरे लोग बैठे-बैठे फायदा उठाएं यह नहीं चलेगा। खास बात यह है कि ममता का यह बयान पार्थ चटर्जी और अन्य नेताओं की गिरफ्तारी के बाद बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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