कोलकाता हिन्दी न्यूज | 24 जुलाई 2026: NEET प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल में आंदोलन तेज होता दिख रहा है। शुक्रवार को कोलकाता में वामपंथी छात्र संगठनों और ककरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा प्रस्तावित विरोध कार्यक्रम के समानांतर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े कई संगठन भी राज्यभर में रैलियां और जनजागरण अभियान शुरू कर रहे हैं।
‘रात जागो, देश जागो’ कार्यक्रम का आह्वान
वाम छात्र संगठनों ने शुक्रवार को कोलकाता में ‘रात जागो, देश जागो’ कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया है। जानकारी के अनुसार, CJP ने भी NEET पेपर लीक के विरोध में रैली निकालने के लिए पुलिस से अनुमति मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के बाद उसने वामपंथी छात्र संगठनों के साथ संयुक्त विरोध कार्यक्रम में शामिल होने का फैसला किया।
बताया जा रहा है कि आठ वाम छात्र संगठनों ने इस विरोध प्रदर्शन में भाग लेने का आह्वान किया है।
ABVP समेत कई संगठन भी करेंगे प्रदर्शन
दूसरी ओर, संघ परिवार से जुड़े छात्र, शिक्षक और शिक्षा क्षेत्र के कई संगठन इस मुद्दे पर अलग अभियान शुरू कर रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP)
- अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM)
- भारतीय शिक्षा मंडल (BSM)
- विद्या भारती
- अन्य शिक्षा एवं शिक्षक संगठन शामिल हैं।
इन संगठनों ने ‘शिक्षा संस्कृति सुरक्षा मंच’ के बैनर तले विभिन्न जिलों में रैली, जनसभा और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है।
उत्तर बंगाल से शुरू हुआ अभियान
सूत्रों के अनुसार, इस अभियान की शुरुआत रायगंज विश्वविद्यालय परिसर से हो चुकी है। इसके अलावा झाड़ग्राम, बांकुड़ा, उत्तर 24 परगना, जलपाईगुड़ी और पश्चिम बर्दवान सहित कई जिलों में भी रैली और जनसभाओं का आयोजन किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में कोलकाता में भी एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी चल रही है।
संघ का क्या है तर्क?
संघ से जुड़े संगठनों का कहना है कि प्रश्नपत्र लीक सामने आने के बाद पुनः परीक्षा और परिणाम जारी करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उनका आरोप है कि इसके बावजूद कुछ संगठन आंदोलन के माध्यम से भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
इन संगठनों का दावा है कि वे आम लोगों तक यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता जरूरी है, लेकिन हिंसक या भ्रामक आंदोलन समाधान नहीं है।
राजनीतिक माहौल गर्म
NEET मुद्दे को लेकर देशभर में पहले से राजनीतिक बहस जारी है। पश्चिम बंगाल में अब छात्र संगठनों और विभिन्न वैचारिक समूहों के समानांतर कार्यक्रमों ने इस मुद्दे को और अधिक राजनीतिक बना दिया है।
फिलहाल प्रशासन की नजर दोनों पक्षों के कार्यक्रमों पर है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
नोट: इस रिपोर्ट में विभिन्न संगठनों के दावों और आरोपों का उल्लेख किया गया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रियाएं उपलब्ध होने पर समाचार को अपडेट किया जा सकता है।
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