तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। औपनिवेशिक और उत्तर-औपनिवेशिक भारत के सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक बदलावों को समझने के साथ-साथ इतिहास के बदलते पाठ और उसकी पुनर्व्याख्या पर गंभीर विमर्श के उद्देश्य से झाड़ग्राम जिले के शिल्दा कॉलेज में एक दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय सेमिनार का आयोजन किया गया।
कॉलेज के इतिहास विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस सेमिनार का विषय था – ‘औपनिवेशिक और उत्तर-औपनिवेशिक भारत का समाज, अर्थव्यवस्था एवं संस्कृति : व्याख्या, पुनर्मूल्यांकन और उससे आगे।’
सेमिनार में विद्यासागर विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग की अध्यापिका प्रोफेसर डॉ. सुजया सरकार, लाल बहादुर शास्त्री संस्कृत केंद्रीय विश्वविद्यालय, दिल्ली के प्रोफेसर विष्णुपद महापात्र तथा राजा नरेंद्रलाल खां महाविद्यालय के इतिहास विभाग की अध्यापिका डॉ. मिता विश्वास ने मुख्य वक्ताओं के रूप में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुशांत कुमार दोलुई तथा उपप्राचार्या डॉ. सुजाता तेवारी भी उपस्थित रहीं। सेमिनार के दौरान औपनिवेशिक एवं उत्तर-औपनिवेशिक भारत के विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पक्षों पर आधारित कुल 17 शोध-पत्र अध्यापक-अध्यापिकाओं तथा छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुत किए। इतिहास विभाग के विद्यार्थियों समेत कुल 187 छात्र-छात्राओं की सहभागिता रही।
मुख्य वक्ताओं ने अपने संबोधन में औपनिवेशिक शासन के प्रभाव, उत्तर-औपनिवेशिक समाज में आए बदलाव तथा भारतीय सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन के विविध आयामों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने कहा कि इतिहास केवल अतीत की घटनाओं का संकलन नहीं, बल्कि बदलते सामाजिक संदर्भों में उसके अर्थ और प्रभाव को समझने का भी माध्यम है। इसी कारण समय के साथ इतिहास की व्याख्या और उसके पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
सेमिनार के दौरान शोध-पत्रों की प्रस्तुतियों और विशेषज्ञों के विचार-विमर्श ने विद्यार्थियों को इतिहास के अध्ययन के नए दृष्टिकोणों से परिचित कराया। आयोजन को लेकर विद्यार्थियों और शोधार्थियों में भी विशेष उत्साह देखा गया।
कार्यक्रम के समापन पर इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शक्तिपद शिट ने अतिथियों, शोध-पत्र प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों, विद्यार्थियों तथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।

