तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा एवं निरूपम चाकमा ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम जिले में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की।
बैठक का उद्देश्य जिले में अनुसूचित जनजाति समुदाय से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा तथा जमीनी स्तर की समस्याओं का आकलन करना था।
समीक्षा बैठक से पूर्व आयोग के सदस्यों ने जिले के विभिन्न जनजातीय सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ अलग से बैठक कर उनकी समस्याओं, शिकायतों एवं सुझावों को गंभीरतापूर्वक सुना। प्रतिनिधियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि-अधिकार, आवास, छात्रवृत्ति तथा रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

बैठक के दौरान अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए संचालित विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की वर्तमान स्थिति, लाभार्थियों तक पहुंच, बजटीय प्रावधानों एवं नीतिगत विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
आयोग की ओर से अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही जनजातीय समाज के समग्र विकास, सामाजिक सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों की सुनिश्चितता पर विशेष बल दिया गया।
इस दौरान जिला पदाधिकारी (जिलाधिकारी) एवं पुलिस अधीक्षक की अनुपस्थिति को लेकर आयोग ने नाराज़गी व्यक्त की। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया कि भविष्य में इस प्रकार की महत्वपूर्ण बैठकों में वरिष्ठ अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि नीतिगत निर्णयों के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
बैठक में जिले के अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे और उन्होंने विभागवार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। आयोग ने संबंधित विभागों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा है।
बैठक को जनजातीय समुदाय के हितों की रक्षा और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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