खड़गपुर ब्यूरो | 29 सितम्बर 2026: नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर चुनाव प्रचार अब पूरी तरह जोर पकड़ चुका है। विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवार और कार्यकर्ता गांव-गांव पहुंचकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं।
चुनावी मैदान में भाजपा के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं, वहीं वामपंथी और कांग्रेस कार्यकर्ता भी लगातार जनसंपर्क अभियान में जुटे हुए हैं।
कांग्रेस उम्मीदवार को मिली जमानत
कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को अदालत से मिली जमानत के बाद कांग्रेस खेमे में भी चुनावी गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज छह मामलों में 20-20 हजार रुपये के जमानती बॉन्ड पर जमानत मंजूर की है।
उन्हें 21 अक्टूबर तक जमानत मिली है। इसके बाद उनके चुनाव प्रचार में सक्रिय रूप से शामिल होने का रास्ता साफ हुआ है।
वाम-कांग्रेस का जनसंपर्क और आरोप
दूसरी ओर, वामपंथी और कांग्रेस कार्यकर्ता जनसंपर्क अभियान के दौरान स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ संत्रास का आरोप भी उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि चुनावी माहौल में विपक्षी कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर दबाव बनाया जा रहा है।
हालांकि, इन आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग हो सकती है।
भाजपा का दावा
इधर भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी का जनाधार मजबूत है और चुनाव प्रचार के दौरान मतदाताओं का समर्थन मिल रहा है।
पार्टी कार्यकर्ता केंद्र और राज्य सरकार से जुड़े मुद्दों को लेकर मतदाताओं के बीच पहुंच रहे हैं। भाजपा खेमे में चुनावी माहौल को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
बढ़ता राजनीतिक तापमान
नंदीग्राम में मुकाबला जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक बयानबाजी और जनसंपर्क अभियान भी तेज होते जा रहे हैं। एक ओर भाजपा अपने अभियान को लेकर उत्साहित है,
तो दूसरी ओर वामपंथी और कांग्रेस अपने-अपने मुद्दों के साथ मतदाताओं तक पहुंच बनाने में जुटे हैं। ऐसे में उपचुनाव के दौरान नंदीग्राम का राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है।
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