नदिया। पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के रानाघाट में जल्द ही पहला ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट स्थापित होने जा रहा है। यह सुविधा रानाघाट महकमा अस्पताल में उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे रक्त के विभिन्न घटकों को अलग-अलग कर जरूरतमंद मरीजों तक पहुँचाना आसान होगा।
फिलहाल इस क्षेत्र के मरीजों को रक्त घटक के लिए करीब 40 किलोमीटर दूर कृष्णनगर ब्लड बैंक जाना पड़ता है।
इस यूनिट के शुरू होने से न केवल अस्पताल पर पड़ने वाला परिवहन खर्च कम होगा बल्कि आपातकालीन स्थिति में गंभीर मरीजों को तुरंत आवश्यक रक्त घटक मुहैया कराना भी संभव हो सकेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रत्येक मरीज को ‘होल ब्लड’ यानी पूरा रक्त देने की आवश्यकता नहीं होती। कई बार मरीज को केवल रेड ब्लड सेल्स, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स या क्रायोप्रेसिपिटेट जैसे किसी एक विशेष घटक की जरूरत होती है।

ऐसी स्थिति में यदि रक्त को घटकों में विभाजित कर उसका उपयोग किया जाए तो एक यूनिट रक्त से तीन मरीजों का उपचार संभव है, जिससे रक्त की बर्बादी भी रोकी जा सकती है।
रानाघाट महकमा अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट डॉ. प्रह्लाद अधिकारी ने बताया कि, “अभी हमारे पास ब्लड बैंक तो है, लेकिन ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। हमने इसके लिए जिला स्वास्थ्य विभाग एवं राज्य स्तर पर प्रस्ताव भेजा है। जैसे ही अनुमति मिलेगी, इस यूनिट की स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।”
इस पहल से नदिया जिले के स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। खासकर आपातकालीन स्थिति में ब्लड कंपोनेंट उपलब्ध होने से मरीजों को बड़ी राहत मिल सकेगी।
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