कोलकाता हिन्दी न्यूज | 23 जुलाई 2026: युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों से बचाने और उन्हें स्वस्थ एवं जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं नारकोटिक्स अकादमी (NACIN), क्षेत्रीय परिसर, कोलकाता ने हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (HITK), कोलकाता में मादक पदार्थ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
इस कार्यक्रम में संस्थान के 260 विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
नशे के दुष्प्रभावों के प्रति किया गया जागरूक
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं कानूनी दुष्परिणामों से अवगत कराना तथा उन्हें जीवन में सही एवं जिम्मेदार निर्णय लेने के लिए प्रेरित करना था।
NACIN के विशेषज्ञ अधिकारियों ने संवादात्मक सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया कि नशे की लत केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि परिवार, समाज और देश की उत्पादक क्षमता पर भी गंभीर प्रभाव डालती है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास भी जागरूकता फैलाएं।
NDPS Act, 1985 की कानूनी जानकारी भी दी गई
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act), 1985 के प्रमुख प्रावधानों, नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार एवं सेवन से संबंधित कानूनी दंड तथा कानून के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि कैसे युवा Peer Pressure (साथियों के दबाव) का सकारात्मक ढंग से सामना कर सकते हैं और नशे जैसी सामाजिक बुराई से स्वयं को सुरक्षित रख सकते हैं।
संवादात्मक गतिविधियों से बढ़ी विद्यार्थियों की सहभागिता
कार्यक्रम केवल व्याख्यान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे संवादात्मक बनाया गया। विद्यार्थियों ने खुलकर प्रश्न पूछे और विशेषज्ञों से नशे से जुड़े विभिन्न सामाजिक, मानसिक एवं कानूनी पहलुओं पर जानकारी प्राप्त की।
विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना नशा मुक्त समाज का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है। इसलिए प्रत्येक छात्र को जागरूक नागरिक की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
260 विद्यार्थियों ने ली Drug-Free Pledge
कार्यक्रम के समापन पर सभी 260 विद्यार्थियों ने Drug-Free Pledge (नशा मुक्त शपथ) लेकर यह संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों से दूर रहेंगे तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज में भी नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
यह शपथ युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी गई।
प्राचार्य प्रो. बसब चौधरी ने जताया आभार
हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्राचार्य प्रो. बसब चौधरी ने NACIN, क्षेत्रीय परिसर, कोलकाता की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में सामाजिक जागरूकता, उत्तरदायी नागरिकता और विवेकपूर्ण निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना भी संस्थान की प्राथमिकता है। ऐसे कार्यक्रम छात्रों को एक बेहतर नागरिक और जिम्मेदार पेशेवर बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
युवाओं की भागीदारी से मजबूत होगा नशा मुक्त भारत का संकल्प
विशेषज्ञों का मानना है कि नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान तभी प्रभावी होंगे जब युवा स्वयं आगे आकर समाज में सकारात्मक संदेश देंगे। शिक्षण संस्थानों में इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल छात्रों को जागरूक बनाते हैं, बल्कि उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित और जिम्मेदार भविष्य के निर्माण के लिए भी प्रेरित करते हैं।
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