खड़गपुर। पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत खड़गपुर तहसील के खाकुड़दा, अंबिडांगर गांव में रविवार को एक दर्दनाक घटना घटी। गांव के बीच स्थित एक विशाल बरगद के पेड़ के नीचे सुबह जब लोगों की नजर पड़ी, तो वहां दो सौ से अधिक पक्षियों के निर्जीव शरीर बिखरे पड़े थे। पूरा इलाका कुछ ही मिनटों में सदमे और भय में डूब गया।
स्थानीय लोगों का अनुमान है कि किसी असामाजिक तत्व ने उस बरगद के पेड़ में जहर डाल दिया था, जिसके कारण पेड़ पर बसे असंख्य पक्षियों की मौत हो गई।
हालांकि अंतिम पुष्टि के लिए नमूने जांच हेतु भेजे गए हैं। वन विभाग और दमकल कर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे पेड़ को पानी से धोया और आसपास के इलाके को सुरक्षित किया।

पश्चिम बंगाल विज्ञान मंच की बेलदा विज्ञान केंद्र इकाई और खाकुड़दा विज्ञान-प्रयुक्ति मिलन मंच ने संयुक्त रूप से इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए न सिर्फ प्रशासन को सूचित किया बल्कि पूरे गांव और बाजार में जागरूकता अभियान भी चलाया।
इस अभियान में ग्रामीणों को समझाया गया कि पर्यावरण से जुड़ी ऐसी घटनाओं के पीछे की सच्चाई जानने और भविष्य में इन्हें रोकने के लिए समाज की सक्रियता कितनी जरूरी है।
विज्ञान मंच के प्रतिनिधियों ने कहा कि पक्षियों की यह सामूहिक मौत केवल एक दुखद घटना नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन के लिए एक चेतावनी भी है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पेड़ों की रक्षा करें, कीटनाशक और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले रसायनों का उपयोग सोच-समझकर करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय प्रशासन या विज्ञान मंच को दें।
पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना केवल एक पेड़ या कुछ पक्षियों की नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ हमारे संबंध पर गहरा प्रश्न है।
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