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मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद का शिलान्यास: निलंबित TMC विधायक की चुनौती से तनाव चरम पर

कोलकाता, 6 दिसंबर 2025 : पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में आज (6 दिसंबर) एक विवादास्पद कार्यक्रम के बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

निलंबित तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक हुमायूं कबीर बेल्डंगा में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक नई मस्जिद का शिलान्यास करने पर अड़े हुए हैं – वह तारीख जब 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद ध्वंस हुई थी।

कबीर के समर्थकों द्वारा ईंटें ले जाते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जबकि प्रशासन ने 3,500 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है।

हाईकोर्ट ने गुरुवार को इस कार्यक्रम को रोकने से इनकार कर दिया, लेकिन राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया।

केंद्र सरकार ने भी केंद्रीय बलों की तैनाती का आश्वासन दिया है। इस घटना ने TMC में आंतरिक कलह को उजागर किया है, जबकि विपक्षी भाजपा इसे ‘सांप्रदायिक राजनीति’ का हथियार बता रही है।

घटना का पूरा विवरण

कबीर का ऐलान: 4 दिसंबर को कबीर ने कहा कि दोपहर 12 बजे कुरान पाठ के बाद शिलान्यास होगा। उनके समर्थक ईंटें इकट्ठा कर रहे हैं, और आयोजन स्थल पर 40,000 मेहमानों के लिए शाही बिरयानी की व्यवस्था की गई है (लागत: 70 लाख रुपये से अधिक)।

कबीर ने दावा किया कि जिला प्रशासन और पुलिस उनका समर्थन कर रही है।

TMC का निलंबन: पार्टी ने कबीर को ‘सांप्रदायिक राजनीति’ के आरोप में निलंबित कर दिया।

कोलकाता मेयर फिरहाद हकीम ने कहा, “हमने उन्हें पहले ही चेतावनी दी थी। यह भाजपा की साजिश लगती है, जो बंगाल को धार्मिक आधार पर बांटना चाहती है।”

कबीर ने इसे ‘अपमान’ बताते हुए विधायक पद से इस्तीफा देने और 22 दिसंबर को नई पार्टी लॉन्च करने की घोषणा की।

सुरक्षा इंतजाम: रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) तैनात। NH-12 राजमार्ग पर 3,000 वॉलंटियर्स लगाए गए हैं। हाईकोर्ट ने PIL खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार जिम्मेदार है, और कबीर ने हिंसा भड़काने से इनकार किया।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

भाजपा का हमला: वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने कबीर पर निशाना साधा, “यह मुस्लिम वोट बैंक साधने की कोशिश है। TMC की आंतरिक लड़ाई से सांप्रदायिक तनाव पैदा हो रहा है।” भाजपा ने इसे ‘भाजपा की साजिश’ बताने पर TMC की आलोचना की।

TMC का बचाव: हकीम ने कहा, “कबीर स्कूल या कॉलेज बनवाते तो अच्छा होता। यह भाजपा का विभाजनकारी एजेंडा है।” ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद में रैली की, लेकिन कबीर कार्यक्रम से अलग रहे।

कबीर का पक्ष: “मैंने एक साल पहले ही कहा था कि बाबरी मस्जिद का निर्माण करूंगा। राज्य सरकार RSS एजेंट की तरह व्यवहार कर रही है। अगर रोका गया तो हाईवे ब्लॉक करेंगे।”

संवेदनशीलता का पृष्ठभूमि

6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद के ध्वंस ने देशभर में दंगे भड़काए थे। मुर्शिदाबाद, जहां मुस्लिम आबादी बहुल है, में यह नामकरण सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

कबीर, जो पहले कांग्रेस और भाजपा से जुड़े थे, अब TMC विद्रोही बन चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना 2026 विधानसभा चुनावों से पहले वोट बैंक राजनीति को तेज कर सकती है।

राज्य सरकार ने शांति बनाए रखने का आह्वान किया है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से तनाव बढ़ रहा है। क्या यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहेगा? या राजनीतिक भूचाल लाएगा? विकास जारी है।

(स्रोत: न्यू इंडियन एक्सप्रेस, टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडिया टुडे, द हिंदू, इकोनॉमिक टाइम्स, हिंदुस्तान टाइम्स, द प्रिंट; सोशल मीडिया अपडेट्स)।

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