नेशनल न्यूज डेस्क | 11 सितम्बर 2026: गणेश चतुर्थी आते ही मुंबई का माहौल पूरी तरह बदल जाता है। सामान्य दिनों में लगातार भागती नजर आने वाली मायानगरी गणेशोत्सव के दौरान भक्ति, संगीत, रोशनी और भव्य सजावट से जगमगा उठती है।
शहर के अलग-अलग इलाकों में सजे गणपति पंडालों में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी और दस दिवसीय गणेशोत्सव का समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन के साथ होगा।
मुंबई का गणेशोत्सव सिर्फ स्थानीय लोगों तक सीमित नहीं रहता। देश के अलग-अलग हिस्सों से भी श्रद्धालु प्रसिद्ध गणपति मंडलों के दर्शन के लिए मुंबई पहुंचते हैं।
अगर आप 2026 में गणेशोत्सव के दौरान मुंबई जाने की योजना बना रहे हैं, तो इन प्रमुख पंडालों को अपनी यात्रा में शामिल कर सकते हैं।
1. लालबागचा राजा
मुंबई के गणेशोत्सव की चर्चा लालबागचा राजा के बिना अधूरी मानी जाती है। लालबाग में विराजमान बप्पा के दर्शन के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यह गणपति मंडल 1934 से परंपरा निभा रहा है और लंबे समय से मुंबई के सबसे लोकप्रिय गणपति मंडलों में गिना जाता है।
लालबागचा राजा को श्रद्धालु मन्नतों से जोड़कर देखते हैं। यहां सामान्य मुख दर्शन और मन्नत पूरी होने पर चरण दर्शन के लिए अलग व्यवस्था रहती है। 2026 में भी यह मुंबई आने वाले गणपति भक्तों के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है।
2. गणेश गली मुंबईचा राजा
लालबाग इलाके में ही गणेश गली मुंबईचा राजा का प्रसिद्ध पंडाल है। यह मुंबई के पुराने गणपति मंडलों में शामिल है और अपनी सजावट तथा गणपति प्रतिमा के लिए जाना जाता है। हर वर्ष यहां पंडाल की सजावट में अलग-अलग विषयों और कल्पनाओं को जगह दी जाती है।
3. खेतवाड़ीचा गणराज
खेतवाड़ी इलाके की पहचान ही यहां के अनेक गणपति पंडालों से जुड़ी हुई है। खेतवाड़ीचा गणराज अपनी आकर्षक गणपति प्रतिमा और सजावट के कारण श्रद्धालुओं का ध्यान खींचता है। गणेशोत्सव के दौरान पूरा इलाका भक्तिमय माहौल में बदल जाता है।
4. अंधेरीचा राजा
अंधेरी इलाके में अंधेरीचा राजा का खास स्थान है। इस गणपति मंडल की स्थापना 1966 में हुई थी। समय के साथ यह मुंबई के प्रमुख गणपति मंडलों में अपनी अलग पहचान बना चुका है। हर साल पंडाल की अलग सजावट और विषय इसकी खासियत है।
5. तुलसीवाड़ा का महाराज
दक्षिण मुंबई के तारदेव और चीरा बाजार इलाके में तुलसीवाड़ा के महाराज का पंडाल श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। गणपति प्रतिमा की अलग शैली और धार्मिक माहौल इसे खास बनाते हैं।
6. जीएसबी सेवा मंडल गणपति
किंग्स सर्कल स्थित जीएसबी सेवा मंडल का गणपति मुंबई के सबसे चर्चित और समृद्ध गणपति उत्सवों में शामिल है। यहां भगवान गणेश की प्रतिमा को सोने और चांदी के आभूषणों से सजाने की परंपरा इसे अलग बनाती है।
2026 में यहां 72वां गणेशोत्सव मनाया जा रहा है। इस वर्ष का आयोजन 14 से 18 सितंबर तक होगा। मंडल के अनुसार महागणपति उत्सव की परंपरा 1955 से चली आ रही है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए यहां मिट्टी की गणपति प्रतिमा तैयार करने की परंपरा भी रही है।
7. गिरगांवचा राजा
गिरगांव चौपाटी के आसपास गिरगांवचा राजा का पंडाल आकर्षण का केंद्र बनता है। समुद्र के नजदीक होने के कारण यहां गणपति दर्शन का अनुभव मुंबई के दूसरे हिस्सों से कुछ अलग महसूस होता है।
2026 में मुंबई गणेशोत्सव की यात्रा के लिए सुझाव
इस दौरान शहर के प्रमुख गणपति मंडलों में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। बड़े मंडलों में भीड़ काफी अधिक रहती है और दर्शन के लिए लंबी कतारों का सामना करना पड़ सकता है।
इसलिए एक दिन में बहुत अधिक पंडाल देखने की बजाय इलाके के हिसाब से अपनी यात्रा की योजना बनाना ज्यादा सुविधाजनक रहेगा।
डिस्क्लेमर: पंडालों की दर्शन व्यवस्था, प्रवेश मार्ग, समय और भीड़ की स्थिति गणेशोत्सव के दौरान बदल सकती है। यात्रा से पहले संबंधित गणपति मंडल की ताजा सूचना जरूर देख लें।
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