कोलकाता हिन्दी न्यूज | 10 अगस्त 2026: मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने के विरोध में प्रस्तावित जुलूस को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। सोमवार को अदालत ने शर्तों के साथ जुलूस निकालने की अनुमति दे दी। जुलूस राजाबाजार से मौलाली तक निकाला जाएगा और इसमें अधिकतम 750 लोग शामिल हो सकेंगे।
अदालत ने साफ कर दिया कि जुलूस के दौरान लाउडस्पीकर या माइक का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। जुलूस सुबह 11:30 बजे शुरू होगा और इसे एक घंटे के भीतर समाप्त करना होगा।
पुलिस की अनुमति नहीं देने पर हाई कोर्ट ने जताई नाराजगी
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने जुलूस की अनुमति देने में पुलिस की ओर से हुई देरी पर सवाल उठाए। अदालत ने टिप्पणी की कि अगर पुलिस को अनुमति नहीं देनी थी तो पहले ही आयोजकों को इसकी जानकारी दी जा सकती थी।
मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सब्यसाची चट्टोपाध्याय ने अदालत के समक्ष जुलूस की अनुमति देने का अनुरोध किया था।
750 लोगों के साथ राजाबाजार से मौलाली तक जुलूस
राज्य सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि प्रस्तावित जुलूस में पहले मांगी गई संख्या के मुकाबले काफी कम लोगों को अनुमति दी जानी चाहिए। सरकार की ओर से अधिकतम 300 लोगों के साथ जुलूस निकालने का सुझाव दिया गया था।
हालांकि, अदालत ने शर्तों के साथ 750 लोगों को जुलूस में शामिल होने की अनुमति दी। जुलूस का मार्ग राजाबाजार से मौलाली तक तय किया गया है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जुलूस के दौरान किसी भी तरह के माइक या लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
आयोजकों ने पुलिस के फैसले पर उठाए सवाल
याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि पुलिस ने जुलूस की अनुमति देने से इनकार करने की जानकारी काफी देर से दी। उनका कहना था कि यदि पुलिस को सुरक्षा या यातायात से जुड़ी कोई आपत्ति थी, तो समय रहते आयोजकों को इसकी जानकारी दी जा सकती थी।
आयोजकों की ओर से यह भी कहा गया कि जरूरत पड़ने पर जुलूस में शामिल लोगों की संख्या कम करने पर भी वे तैयार हैं।
राज्य सरकार ने क्या कहा?
राज्य सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि सप्ताह के बीच इतने बड़े जुलूस की अनुमति देने में प्रशासन को कई पहलुओं पर विचार करना पड़ता है। सरकार ने वैकल्पिक मार्ग और कम संख्या में लोगों के साथ जुलूस निकालने का सुझाव दिया था।
वहीं, सरकार पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी है कि लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई किसी खास धर्म या धार्मिक स्थल को निशाना बनाकर नहीं की जा रही है।
सरकार का दावा- हाई कोर्ट के पुराने आदेश के तहत कार्रवाई
राज्य सरकार के मुताबिक, धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट के 2020 के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई की जा रही है। सरकार का दावा है कि नियमों का पालन कराने के दौरान केवल मस्जिदों ही नहीं, बल्कि मंदिरों समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी हाल ही में इस मुद्दे पर कहा था कि किसी विशेष धार्मिक स्थल को निशाना नहीं बनाया गया है और कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है।
अब 11 अगस्त को निकलेगा जुलूस
हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब प्रस्तावित जुलूस 11 अगस्त को राजाबाजार से मौलाली तक निकाला जाएगा। जुलूस में अधिकतम 750 लोगों के शामिल होने की अनुमति है। हालांकि, जुलूस के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर अदालत ने स्पष्ट रूप से रोक लगा दी है।
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