वाराणसी। वैदिक पंचांग के अनुसार, शुक्रवार 01 अगस्त को सावन माह की दुर्गा अष्टमी है। यह पर्व हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन जगत की देवी मां दुर्गा की भक्ति भाव से पूजा की जाती है।
साथ ही मनचाहा वरदान पाने के लिए अष्टमी का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से साधक पर देवी मां दुर्गा की कृपा बरसती है। सावन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर शुभ योग समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं।
इन योग में देवी मां दुर्गा की पूजा एवं भक्ति करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। इसके साथ ही साधक के जीवन में सुख और शांति का आगमन होता है। कहते हैं कि देवी मां दुर्गा अपने भक्तों के सभी दुख हर लेती हैं।
मासिक दुर्गा अष्टमी शुभ मुहूर्त : 01 अगस्त को सुबह 04 बजकर 58 मिनट पर सावन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि शुरू होगी और 02 अगस्त को सुबह 07 बजकर 23 मिनट पर समाप्त होगी। देवी मां दुर्गा की पूजा निशा काल में होती है। इसके लिए 01 अगस्त के दिन सावन महीने की दुर्गा अष्टमी मनाई जाएगी।
मासिक दुर्गा अष्टमी शुभ योग : सावन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर शुभ योग का संयोग बन रहा है। शुभ योग का संयोग रात भर है। ज्योतिष शुभ योग को मंगलकारी मानते हैं। इस योग में शुभ काम कर सकते हैं। साथ ही शुभ योग में देवी मां दुर्गा की पूजा करने से सभी कामों में सफलता और शुभता प्राप्त होगी।
इसके साथ ही सावन माह की दुर्गा अष्टमी पर भद्रावास योग का भी निर्माण हो रहा है। भद्रा योग शाम 06 बजकर 10 मिनट तक है। इस दौरान भद्रा पाताल लोक में रहेंगी। इन योग में देवी मां दुर्गा की पूजा करने से साधक को मनचाहा वरदान प्राप्त होगा।
दुर्गा अष्टमी का महत्व : शास्त्रों में वर्णित है कि जो साधक सच्चे मन से अष्टमी व्रत रखते हैं और देवी दुर्गा की उपासना करते हैं, उनके जीवन से हर प्रकार की नकारात्मकता, कष्ट और संकट समाप्त हो जाते हैं। साथ ही घर में सुख-समृद्धि, शांति और उन्नति का वास होता है।
पूजा विधि : सुबह जल्दी उठकर स्नान करके साफ वस्त्र पहनें।
घर या मंदिर में देवी दुर्गा की प्रतिमा या चित्र के सामने दीप जलाएं।
लाल फूल, लाल चूड़ी, सिंदूर, रोली, अक्षत और लाल फल अर्पित करें।
दुर्गा सप्तशती का पाठ या मां दुर्गा के 108 नामों का जप करें।
व्रत रखते हुए दिनभर मां दुर्गा का स्मरण करें और शाम को आरती करें।
विशेष फल की प्राप्ति : कहा जाता है कि अष्टमी के दिन किए गए दान, पूजन और जप का फल सौ गुना मिलता है। यदि आप जीवन में किसी विशेष संकट या रोग से परेशान हैं, तो इस दिन व्रत करके मां दुर्गा से प्रार्थना करें, आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
ज्योतिर्विद रत्न वास्तु दैवज्ञ
पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री
मो. 99938 74848
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