130 वर्ष पुराने फुटबॉल क्लब मोहन बागान का एटीके के साथ विलय

फोटो, साभार : गूगल

कोलकाता : भारत के 130 वर्ष पुराने फुटबॉल क्लब मोहन बागान ने तीन बार के आईएसएल विजेता एटीके एफसी के साथ विलय की आधिकारिक औपचारिकता शुक्रवार को पूरी कर ली और अब क्लब का नाम ‘एटीके मोहन बागान’ रखा गया है। इस विलय के अवसर पर फुटबॉल स्पोट् डेवलपमेंट लिमिटेड की संस्थापक नीता अंबानी ने दोनों क्लबों के एक होने का स्वागत किया और भारत के फुटबॉल में ‘सुपरपावर’ बनने की उम्मीद जताई।

नीता अंबानी ने कहा, ‘‘मुझे पूरी उम्मीद है कि दोनों के विलय से हमारे देश में फुटबॉल को फायदा पहुंचेगा और भारत को फुटबॉल ‘सुपरपॉवर’ बनाने के सपने को साकार करने में मदद मिलेगी।’’ एटीके मोहन बागान प्राइवेट लिमिटेड के बोर्ड ने फुटबॉल क्लब की 131 वर्षीय विरासत की पहचान हरे और मरून रंग की जर्सी को बरकरार रखने का फैसला किया है।

एटीके मोहन बागान प्राइवेट लिमिटेड के प्रमुख मालिक संजीव गोयनका ने कहा, ‘‘उन सभी दिग्गजों को मेरा प्रणाम जिन्होंने दशकों से मोहन बागान की महान विरासत में योगदान किया है। मैं इस नई यात्रा में उनका आशीर्वाद चाहता हूं। मोहन बागान बचपन से ही मेरे दिल के करीब रहा है। मुझे हरे और मरून रंग की जर्सी में उनके बेहतरीन फुटबॉल का आनंद उठाने का सम्मान मिला है।

हम विरासत का सम्मान करते हैं और उस जर्सी को बरकरार रखा है जिसे पहले की कई पीढ़ियों ने पंसद किया और सम्मान दिया। मेरा सपना एटीके मोहन बागान को एक विश्व स्तर की टीम के रूप में ले जाना है जिसकी अंतरराष्ट्रीय सर्किट में अपनी पहचान बन सके।’’

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष और एटीके के सहमालिक सौरभ गांगुली ने कहा, ‘मैं एटीके और मोहन बागान के एक साथ आने का तहेदिल से सम्मान करता हूं। ब्रांड नाम एटीके मोहन बागान इतिहास बनाएगा।’’

एटीके मोहन बागान प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक सृंजॉय बोस और देबाशीष दत्ता ने कहा, ‘‘हमें वास्तव में खुशी है कि एटीके मोहन बागान समूह ने हरे और मरून रंग की जर्सी को बरकरार रखने के लिए सहमति व्यक्त की है और ‘पाल तोला नौका’ की छवि को क्लब के रंग के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।’’

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