Mohammed shami pti

मोहम्मद शमी और उनके भाई को SIR मामले में चुनाव आयोग का नोटिस

कोलकाता | 6 जनवरी 2026: भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर चल रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत चुनाव आयोग ने मोहम्मद शमी और उनके भाई, क्रिकेटर मोहम्मद कैफ को नोटिस जारी किया है।

यह नोटिस साउथ कोलकाता के जादवपुर इलाके स्थित कार्टजू नगर स्कूल से जारी किया गया, जिसमें दोनों को असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO) के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है।

हालांकि, घरेलू क्रिकेट में व्यस्त होने के कारण मोहम्मद शमी तय समय पर सुनवाई में शामिल नहीं हो सके। इस समय वह विजय हजारे ट्रॉफी में पश्चिम बंगाल की टीम की ओर से खेल रहे हैं और राजकोट में मौजूद हैं।

चुनाव आयोग को शमी ने लिखा पत्र

शमी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अपनी अनुपस्थिति की वजह स्पष्ट की।

उन्होंने लिखा, “मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में 5 जनवरी 2026 को प्राप्त नोटिस के संदर्भ में सूचित करना चाहता हूं कि घरेलू क्रिकेट मैचों में मेरी वर्तमान भागीदारी के कारण, मैं निर्धारित तिथि और समय पर सुनवाई में उपस्थित नहीं हो पाऊंगा।”

कहां के मतदाता हैं मोहम्मद शमी

मोहम्मद शमी कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के वार्ड नंबर 93 में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं, जो रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमरोहा के रहने वाले शमी लंबे समय से कोलकाता में निवास कर रहे हैं।

क्यों भेजा गया नोटिस

चुनाव आयोग के अनुसार, शमी और उनके भाई का नाम सुनवाई सूची में एन्यूमरेशन फॉर्म में पाई गई तकनीकी खामियों के कारण शामिल किया गया है। ये खामियां प्रोजेनी मैपिंग और सेल्फ-मैपिंग से जुड़ी बताई जा रही हैं।

अब मोहम्मद शमी के मामले की सुनवाई 9 से 11 जनवरी के बीच किए जाने की संभावना है।

SIR प्रक्रिया पर पहले से सियासी बवाल

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चल रही SIR प्रक्रिया को लेकर पहले ही राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। दिसंबर में प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची से 58 लाख से अधिक नाम हटाए गए थे।

राज्य में अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी, जो 2026 विधानसभा चुनाव से पहले बेहद अहम मानी जा रही है।

बंगाल SIR की ताजा स्थिति

  • 16 दिसंबर को जारी ड्राफ्ट रोल में 58 लाख से ज्यादा नाम हटा दिए गए।
  • कुल मतदाता संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.08 करोड़ रह गई।
  • फाइनल मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी।
  • एसआईआर के कारण कई बुजुर्ग, दिव्यांग और अन्य संवेदनशील मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

यह मामला एसआईआर विवाद को नया आयाम दे सकता है, क्योंकि एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और उनके परिवार को भी नोटिस मिला है।

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