कोलकाता न्यूज डेस्क | 3 मार्च 2026: मध्य-पूर्व एक विनाशकारी युद्ध की कगार पर खड़ा है। 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की कथित मौत और प्रमुख सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद, अब पूरे क्षेत्र में प्रतिशोध की आग भड़क उठी है। लेबनान से लेकर पाकिस्तान और खाड़ी देशों तक, युद्ध के मोर्चे खुल चुके हैं।
ईरान: रणनीतिक ठिकानों और मीडिया मुख्यालयों पर प्रहार
ईरानी सरकारी मीडिया (ISNA) ने पुष्टि की है कि आज सुबह राजधानी तेहरान के हृदय स्थल पर भीषण मिसाइल हमले हुए हैं। निशाने पर मुख्य केंद्र: तेहरान स्थित IRIB (ईरानी ब्रॉडकास्टर) के मुख्यालय और शाहिद मोतहरी सरकारी परिसर को निशाना बनाया गया है।
प्रसारण जारी: हमलों के बावजूद, ईरान का दावा है कि उन्होंने पहले से ही ‘एहतियाती कदम’ उठाए थे, जिसके कारण उनका समाचार प्रसारण बाधित नहीं हुआ है। राजधानी के उत्तर और पश्चिम में लगातार धमाकों की आवाजें सुनी जा रही हैं।

हॉर्मुज की घेराबंदी: दुनिया के लिए ‘ऊर्जा का काल’
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक नब्ज, हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा कर दी है। चेतावनी: ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जबारी ने लाइव टीवी पर कहा, “दुनिया अब $200 प्रति बैरल तेल के लिए तैयार रहे। हमारी नौसेना इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज को आग के हवाले कर देगी।”
आर्थिक प्रभाव: वैश्विक तेल आपूर्ति का 20% इसी रास्ते से गुजरता है। इस घोषणा के साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल देखा जा रहा है।
लेबनान: ‘तत्काल पलायन’ का आदेश
इजरायली रक्षा बल (IDF) ने दक्षिण लेबनान के 50 से अधिक गांवों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। युद्ध का मैदान: इजरायली प्रवक्ता अविचाई अदराई ने नागरिकों को तुरंत घर छोड़ने और कम से कम 1 किलोमीटर दूर खुले क्षेत्रों में जाने का निर्देश दिया है।
हिजबुल्लाह पर प्रहार: इजरायल का कहना है कि हिजबुल्लाह इन गांवों को सैन्य अड्डों के रूप में इस्तेमाल कर रहा है, इसलिए अब वहां भीषण बमबारी की जाएगी।
पाकिस्तान: कराची में हिंसा और अमेरिकी दूतावास की तालाबंदी
ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या की खबरों के बाद पाकिस्तान में जनाक्रोश फूट पड़ा है। गोलीबारी: कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हमला करने वाले प्रदर्शनकारियों पर अमेरिकी मरीन कमांडो ने सीधी गोलीबारी की, जिसमें 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
वीजा सेवाएं बंद: सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने पाकिस्तान (इस्लामाबाद, लाहौर, कराची) में अपनी सभी दूतावास सेवाएं और वीजा अपॉइंटमेंट 6 मार्च तक के लिए रद्द कर दिए हैं।
सऊदी अरब और इराक पर ड्रोन हमले
युद्ध अब खाड़ी देशों की सुरक्षा को भी चुनौती दे रहा है। सऊदी अरब: सऊदी रक्षा मंत्रालय ने रियाद और सैन्य शहर अल-खर्ज की ओर आ रहे 8 आत्मघाती ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया। इससे पहले रियाद में अमेरिकी दूतावास परिसर पर भी हमला हुआ था।
इराक: इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में स्थित इरबिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक संदिग्ध ड्रोन को मार गिराया गया है।
राजनीतिक बयानबाजी: ‘शांति का मार्ग’ या ‘विनाश की ओर’?
बेंजामिन नेतन्याहू (इजरायली पीएम): “यह अंतहीन युद्ध नहीं है। हम ईरान के खतरे को जड़ से खत्म कर रहे हैं, जो भविष्य में ‘इब्राहिम समझौते’ जैसे और भी शांति समझौतों का मार्ग प्रशस्त करेगा।”
जेडी वेंस (अमेरिकी उपराष्ट्रपति): “राष्ट्रपति ट्रंप का लक्ष्य स्पष्ट है—ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना। हम इराक या अफगानिस्तान की तरह किसी बिना लक्ष्य वाले युद्ध में नहीं फंसेंगे। यह एक सटीक और उद्देश्यपूर्ण सैन्य अभियान है।”
वर्तमान स्थिति को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि अमेरिका और इजरायल ईरान की सैन्य और संचार क्षमता को पूरी तरह पंगु बना देना चाहते हैं। हालांकि, हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से दुनिया भर में महंगाई का एक नया तूफान आने का खतरा पैदा हो गया है।
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