कोलकाता, 25 जनवरी 2026: राजस्थानी लोक संस्कृति और परंपराओं को देशभर में जीवंत रूप से प्रस्तुत करने वाला प्रसिद्ध सांस्कृतिक समूह बावलिया एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय दौरे पर निकल पड़ा है।
“मेट्रो से मिट्टी तक – बावलिया ऑन टूर” नामक इस विशेष यात्रा के तहत समूह 27 फरवरी से 1 मार्च तक दिल्ली और राजस्थान के प्रमुख शहरों में अपनी रंगारंग प्रस्तुतियां देगा।
यह दौरा आधुनिक शहरी जीवन (मेट्रो) और ग्रामीण परंपराओं (मिट्टी) के बीच सांस्कृतिक सेतु बनाने का एक अनोखा प्रयास है।

बावलिया के कलाकारों ने बताया कि यह उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों का विषय है, क्योंकि वे अपनी जड़ों से जुड़ी कला को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत कर रहे हैं।
दौरा का कार्यक्रम और शहर
- 27 फरवरी: दिल्ली – दौरा यहीं से शुरू होगा, जहां बावलिया शहरी दर्शकों को राजस्थान की मिट्टी से जोड़ने की कोशिश करेगा।
- 28 फरवरी: बीकानेर – यहां लोक नृत्य, संगीत और पारंपरिक कला के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया जाएगा।
- 1 मार्च: श्रीडूंगरगढ़ – दौरा इसी शहर में समाप्त होगा, जहां स्थानीय संस्कृति के साथ बावलिया की प्रस्तुतियां एक साथ आएंगी।
बावलिया की 28 साल पुरानी विरासत
बीते 28 वर्षों से बावलिया लोक संगीत, लोक नृत्य और पारंपरिक कला के माध्यम से भारतीय संस्कृति को संजोता और आगे बढ़ाता आ रहा है।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी तक लोक विरासत को पहुंचाना है।
कलाकारों का कहना है कि आज के दौर में शहरी जीवन और ग्रामीण परंपराओं के बीच दूरी बढ़ रही है, और बावलिया इस दूरी को पाटने का प्रयास कर रहा है।
यह दौरा न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन है, बल्कि भारतीय लोक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम भी है।
बावलिया के कलाकारों ने कहा कि यह यात्रा उनकी जड़ों से जुड़ाव को मजबूत करेगी और देशभर में राजस्थानी संस्कृति की खुशबू फैलाएगी।
देशभर के दर्शक इस दौरे का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। क्या आप भी बावलिया की प्रस्तुतियों का हिस्सा बनना चाहेंगे? कमेंट में जरूर बताएं!
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