तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर : इतिहास को शब्दों में सहेजने वाले प्रख्यात इतिहासकार, शिक्षाविद् व समाजसेवी स्वर्गीय प्रो. डॉ. प्रद्युत कुमार माईती अब तमलुक की धरती पर प्रतिमा के रूप में भी अमर हो गए। 29 मार्च को ताम्रलिप्त महाविद्यालय के बी.एड. विभाग के समीप पार्क में उनकी आवक्ष प्रतिमा का अनावरण महात्मा गांधी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. सौरांशु मुखोपाध्याय ने किया।
प्रद्युत कुमार माईती स्मृति रक्षा कमिटी के प्रयास और मूर्तिकार असीत सांई की कला से साकार यह प्रतिमा ताम्रलिप्त पौरसभा के वार्ड 6 में स्थापित की गई है। समारोह में स्मारिका का विमोचन भी हुआ, जिसमें ऐतिहासिक विभूतियों के जीवन व योगदान को संजोया गया।
कार्यक्रम में डॉ. दीपेंद्र नारायण राय, चंचल कुमार खांड़ा, प्रो. आशुतोष दास, प्रो. परमेश्वर आचार्य, पूर्व विधायक ब्रह्ममय नंद, जयदेव मालाकार, कमल कुंडू, जयदीप पंडा, कृतिसुंदर पाल, राजर्षि महापात्र व माणिकलाल पाल सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
1936 में जन्मे डॉ. माईती का 7 अक्टूबर 2021 को निधन हुआ। रॉयल एशियाटिक सोसाइटी के फेलो रहे माईती ने लंदन विश्वविद्यालय से पीएचडी व यादवपुर विश्वविद्यालय से डी.लिट. प्राप्त की। उन्होंने अंग्रेजी में 11 व बांग्ला में 32 इतिहास ग्रंथों सहित असंख्य लेखों के जरिए इतिहास को जन-जन तक पहुंचाया।
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