खड़गपुर। परिचारिका कामगारों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं और अधिकारों को लेकर आज आल बंगाल परिचारिका समिति की पूर्व मेदिनीपुर जिला कमेटी के नेतृत्व में जिला श्रम विभाग में डेपुटेशन दिया गया। इस दौरान जिला श्रम विभाग के संयुक्त लेबर कमिश्नर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें परिचारिका कामगारों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक संरक्षण से जुड़ी कुल 9 सूत्री मांगें शामिल रहीं।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से सभी परिचारिका कामगारों को मान्यता प्राप्त पहचान पत्र प्रदान करने, कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने, सप्ताह में एक दिन पूर्ण वेतन सहित अवकाश, न्यूनतम पारिश्रमिक तय करने, तथा राज्य एवं केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में परिचारिका कामगारों को शामिल करने की मांग की गई।
इसके अलावा बीमा सुविधा, भविष्य निधि, आकस्मिक दुर्घटना में मुआवजा और काम के घंटे तय करने जैसे मुद्दे भी ज्ञापन में शामिल थे। डेपुटेशन के दौरान सैकड़ों परिचारिका कामगारों द्वारा हस्ताक्षरित मांग-पत्र श्रम मंत्री के उद्देश्य से संयुक्त लेबर कमिश्नर को सौंपा गया।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि घरेलू एवं निजी क्षेत्र में कार्यरत परिचारिका कामगार लंबे समय से असुरक्षित माहौल, अनियमित काम के घंटे और सामाजिक संरक्षण के अभाव में कार्य करने को विवश हैं।
संयुक्त लेबर कमिश्नर ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और मांगों की तार्किकता से सहमति जताते हुए ज्ञापन को श्रम मंत्री के पास अग्रेषित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि परिचारिका कामगारों से जुड़े मुद्दों पर विभाग स्तर से आवश्यक पहल की जाएगी।
इस डेपुटेशन का नेतृत्व अंजली मन्ना, असिमा पहाड़ी, मोनिका सामंत, रमा दास, रीता ओझा सहित ऑल बंगाल परिचारिका समिति की जिला कमेटी की अन्य पदाधिकारियों ने किया।
डेपुटेशन में बड़ी संख्या में परिचारिका कामगारों की उपस्थिति ने उनके संगठनात्मक एकजुटता और अधिकारों के प्रति जागरूकता को स्पष्ट रूप से दर्शा रहा था।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।



