शिलांग, 6 फरवरी 2026: मेघालय में अवैध कोयला खदानों पर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के सख्त रुख के बावजूद लगातार हादसे हो रहे हैं। अब मेघालय हाईकोर्ट ने ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के थांगस्कू इलाके में 14 जनवरी को हुए जानलेवा विस्फोट के सिलसिले में खदान मालिकों, ऑपरेटरों और सभी शामिल लोगों की तुरंत गिरफ्तारी का आदेश दिया है। इस हादसे में 18 मजदूरों की मौत हो गई थी।
हाईकोर्ट के मुख्य आदेश
जस्टिस एचएस थांगख्यू और जस्टिस डब्ल्यू डिंगडोह की डिवीजन बेंच ने मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लिया और कहा:
- अवैध कोयला खनन गतिविधियां अभी भी जारी हैं, जो कोर्ट के प्रतिबंधों और निर्देशों का लगातार उल्लंघन है।
- ईस्ट जयंतिया हिल्स के डिप्टी कमिश्नर और पुलिस अधीक्षक को बिना किसी देरी के कार्रवाई करने का निर्देश।
- खदान मालिकों, ऑपरेटरों और कथित अवैध खनन में शामिल सभी लोगों की पहचान कर तुरंत गिरफ्तारी।
- खनन गतिविधि से जुड़े सभी उपकरण, दस्तावेज और आपत्तिजनक सामग्री जब्त करने का आदेश।
- प्रभावित व्यक्तियों (घायल सहित) को तत्काल चिकित्सा सहायता और आवश्यक मदद सुनिश्चित करने का निर्देश।
- डिप्टी कमिश्नर और एसपी को 9 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का समन।
- अब तक उठाए गए कदमों, गिरफ्तारियों, जब्ती और अवैध खनन रोकने के उपायों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
- कोर्ट ने स्पष्टीकरण भी मांगा कि पिछली घटनाओं और कानूनी प्रतिबंधों के बावजूद ऐसी गतिविधियां कैसे जारी रहीं।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने कहा: “घटना की गहन जांच का आदेश दिया गया है। जवाबदेही तय की जाएगी और जिम्मेदार लोगों को सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। इंसानी जिंदगी की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं होगा।”

हादसे की पृष्ठभूमि
14 जनवरी को थांगस्कू में एक संदिग्ध अवैध कोयला खदान में जबरदस्त विस्फोट हुआ। कम से कम 18 मजदूरों के शव बरामद किए गए। यह हाल के वर्षों में मेघालय के सबसे खतरनाक खनन हादसों में से एक है।
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