मेदिनीपुर, 12 फरवरी 2026: मेदिनीपुर शहर के गौरव का प्रतीक और ऐतिहासिक विद्यासागर स्मृति मंदिर (विद्यासागर हॉल) के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण के लिए राज्य सरकार ने 80 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कर दी है।
इसकी जानकारी बुधवार शाम को मेदिनीपुर के विधायक सुजय हाजरा ने दी। उल्लेखनीय है कि इस प्रेक्षागृह का शिलान्यास 10 सितंबर 1938 को तत्कालीन विद्वान और बाद में भारत के राष्ट्रपति बने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने किया था।
इसका औपचारिक उद्घाटन 16 दिसंबर 1939 को गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने किया था। शहर ही नहीं, पूरे जिले के लिए यह प्रेक्षागृह सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गौरव का प्रतीक रहा है।

भवन की जर्जर स्थिति
वर्षों से रखरखाव के अभाव में भवन बुरी तरह जर्जर हो चुका है। दीवारों में दरारें, छत से पानी टपकना, जर्जर सीढ़ियां, निष्क्रिय साउंड सिस्टम, पुरानी कुर्सियां और पंखे – सब कुछ बदहाल स्थिति में है। लंबे समय से शहर के सांस्कृतिक संगठनों और नागरिकों द्वारा इसके नवीनीकरण की मांग की जा रही थी।
क्या-क्या होगा नवीनीकरण?
विधायक सुजय हाजरा ने बताया कि स्वीकृत राशि से निम्नलिखित कार्य किए जाएंगे:
- प्रेक्षागृह को वातानुकूलित (AC) बनाया जाएगा
- साउंड सिस्टम को पूरी तरह आधुनिक बनाया जाएगा
- सभी पुरानी कुर्सियां बदली जाएंगी
- भवन के अंदर और बाहर की दीवारों पर अखंड मेदिनीपुर के इतिहास और विरासत को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा
- जिले के वीर क्रांतिकारियों के चित्र और उनके संक्षिप्त जीवन परिचय भी लगाए जाएंगे
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र ही कार्य शुरू किया जाएगा।
यह फैसला शहर के सांस्कृतिक प्रेमियों और इतिहास प्रेमियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। विद्यासागर हॉल न सिर्फ एक प्रेक्षागृह है, बल्कि मेदिनीपुर की सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीक है।
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