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मेदिनीपुर : खुदीराम बोस की शहादत ने किया भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक नए युग का सूत्रपात

तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत मेदिनीपुर की सामाजिक संस्था मेदिनीपुर समन्वय संस्था की टाउन क्षेत्रीय इकाई ने सोमवार को अग्नि युग के वीर क्रांतिकारी और इस मिट्टी के अजेय वीर शहीद खुदीराम बोस के 118 वें आत्मबलिदान दिवस का उचित गरिमा के साथ पालन किया।

शहीद की जन्मस्थली हबीबपुर में स्थित शहीद खुदीराम बोस की अर्ध प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर इकाई की अध्यक्षा और पूर्व न्यायाधीश अंजलि सिंह, इकाई के सलाहकार मंडल के सदस्य अनादि कुमार जाना, इकाई सचिव तारापद बारिक,

सह-अध्यक्ष अमिताभ दास, शंकर चंद्र सेन और सबिता मान्ना, सह-सचिव सुदीप कुमार खाड़ा, इकाई की सांस्कृतिक उप-समिति के अध्यक्ष भरत कुमार राय, कार्यकारिणी समिति के सदस्य विश्वजीत साहू और इंद्रदीप सिन्हा, इकाई के सह-कोषाध्यक्ष डॉ. अरूप कुमार दास उपस्थित थे।

इस अवसर पर इकाई के सह-सचिव और शिक्षक सुदीप कुमार खाड़ा ने शहीद खुदीराम बोस की आत्मबलिदान दिवस के महत्व को संक्षेप में समझाया। उन्होंने कहा कि खुदीराम बोस की शहादत ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक नए युग का सूत्रपात किया और उनकी वीरता और बलिदान ने आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित किया।

शहीद खुदीराम बोस की विरासत आज भी जीवित है और उनकी शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनकी कहानी न केवल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, बल्कि यह हमें साहस, बलिदान और देशभक्ति के मूल्यों की भी याद दिलाती है।

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