तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। पश्चिम मेदिनीपुर जिले में साहित्य और ज्ञान की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मेदिनीपुर शहर के कॉलेज मैदान में 24वें जिला पुस्तक मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। पश्चिम बंगाल सरकार के जनशिक्षा प्रसार एवं ग्रंथागार सेवा विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस पुस्तक मेले का औपचारिक उद्घाटन पश्चिम बंगाल कविता अकादमी के अध्यक्ष, प्रख्यात कवि सुबोध सरकार तथा पश्चिम मेदिनीपुर के जिलाधिकारी विजिन कृष्णा ने संयुक्त रूप से किया।
उद्घाटन समारोह में जिला परिषद की सभापति प्रतिभा रानी माईती, मेदिनीपुर के विधायक सुजय हाजरा, नगरप्रमुख सौमेन खान, उप-नगरप्रमुख मौऊ राय, मंत्री श्रीकांत महतो, जिला परिषद के कार्याध्यक्ष श्यामपद पात्र, विधायक ममता भुँइया, अतिरिक्त जिलाधिकारी (पंचायत) संदीप टुडू, कवि निर्मल्य मुखोपाध्याय, प्राचार्य अरूप भुँइया, डिप्टी मजिस्ट्रेट मृदुल श्रीमानी सहित प्रशासन एवं साहित्य जगत के अनेक विशिष्ट व्यक्तित्व उपस्थित रहे।
उद्घाटन भाषणों में अतिथियों ने डिजिटल युग में भी पुस्तकों की अपरिहार्य भूमिका पर प्रकाश डालते हुए पठन-पाठन की आदत को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत ही नहीं, बल्कि विचार और संवेदना के निर्माण का सशक्त माध्यम भी हैं। इस प्रकार के पुस्तक मेले नई पीढ़ी में पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान शहर के मुख्य राजमार्ग पर स्थापित मनीषियों की प्रतिमाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए रंग-बिरंगी शोभायात्रा निकाली गई, जिसने पूरे आयोजन को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की। इसके पश्चात दीप प्रज्वलन के साथ पुस्तक मेले का विधिवत उद्घाटन किया गया।
समारोह में कवि सुबोध सरकार ने अपने वक्तव्य के बाद श्रोताओं के आग्रह पर अपनी चर्चित कविता ‘मणिपुर की माँ’ का सशक्त पाठ कर वातावरण को भावुक और विचारशील बना दिया। पुस्तकों, विचारों और संस्कृति के इस महोत्सव ने मेदिनीपुर को एक बार फिर साहित्यिक मानचित्र पर विशेष पहचान दिलाई।
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