तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत मेदिनीपुर की सुकोमल भोर थी, जब रेडक्रॉस भवन के आँगन में दीप की लौ ने अंधकार के पंखों को नरम उजाले में बदल दिया। उसी आभा में प्रारंभ हुआ बाल दिवस का पावन उत्सव, जिसका शुभारंभ किया रामकृष्ण मिशन, मेदिनीपुर के अध्यक्ष स्वामी प्रार्थनानंद जी महाराज ने।
उनके हाथों जला वह दीप जैसे बच्चों के भविष्य का विश्वास बनकर चमक उठा। सभा में रेडक्रॉस के सचिव डॉ. गोलोक बिहारी माज़ी, विधायक सुजॉय हाजरा, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सौम्य शंकर सरंगी, बाल-चिकित्सक डॉ. टी.पी. घोष और अन्य विद्वानों ने अपने ओजस्वी विचार रखे।
लउनके शब्दों में मानो आशा का संगीत बह निकला कि हर बालक सुरक्षित, स्वस्थ और सपनों से भरा हो, जैसे आकाश में उड़ता कोई नन्हा बादल। गत 6, 7 और 8 नवंबर को रेडक्रॉस ने तीन विभागों के 75 बच्चों और चुनिंदा माताओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर प्रेम और सेवा की मिसाल रची।

मंच पर जब उन ‘श्रेष्ठ माओं’ और ‘नन्हे उजालों’ को सम्मान मिला, तो तालियों की गूँज में हर हृदय कृतज्ञता से भीग उठा। मुख्य अतिथियों में सभाधिपति प्रतिभा माइती, मंत्री श्रीकांत माहतो, केशपुर पंचायत समिति के अध्यक्ष चित्तरंजन गड़ाई सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित थे।
रेडक्रॉस की संचालन समिति के सदस्य डॉ. श्यामल पट्टनायक, आशीष चक्रवर्ती, असित बंद्योपाध्याय, डॉ. पी.के. भौमिक, अनादी जाना, डॉ. निर्मलेन्दु दे, डॉ. चित्तरंजन कुंडु और अनेक समाजसेवियों ने अपनी उपस्थिति से इस उत्सव को अविस्मरणीय बना दिया।
कार्यक्रम का सबसे मधुर क्षण तब आया जब नन्हे कलाकारों ने रंग-बिरंगे वस्त्रों में संगीत और नृत्य के माध्यम से बचपन की मुस्कान को साकार कर दिया। उनकी लहराती चोटी, खिलखिलाती हँसी और मंच पर थिरकती ऊर्जा ने वातावरण को आशीर्वाद और आनंद से सराबोर कर दिया।
अधिवक्ता देवाशीष दास ने अपने संयमित संचालन से पूरे आयोजन को सुसंगठित रूप दिया। दीप की लौ, बच्चों की हँसी और सेवा के उस पुलकित वातावरण ने यह संदेश दिया कि मानवता का सबसे सुंदर चेहरा बचपन की मुस्कान में ही झलकता है।
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