तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत रेल नगरी खड़गपुर समेत जंगल महल के विभिन्न भागों में आठवें राष्ट्रीय नेचुरोपैथी डे अर्थात् राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस निष्ठा पूर्वक मनाया गया। विभिन्न योग शिक्षण संस्थानों ने इस दिन को उत्साहपूर्वक मनाया।
इस अवसर पर मेदिनीपुर नगर में “आनिशा स्कूल फॉर योग कल्चर” के निर्देशन में, “पतंजलि इंस्टिट्यूट ऑफ योग, नेचुरोपैथी एंड आयुर्वेद” के सहयोग से तथा “इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गनाइजेशन” और “सूर्य फाउंडेशन” के मार्गदर्शन में यह दिवस आनिशा के स्वयं के केंद्र, जो महताबपुर जुबनीतला के निकट स्थित है, पर मनाया गया।
इस कार्यक्रम में शहर के विभिन्न आयु वर्गों के अनेक लोग शामिल हुए। यहां प्रतिभागियों को उनके शारीरिक समस्याओं के अनुसार योग, प्राणायाम, नेति, धौति और प्राकृतिक चिकित्सा जैसे कि मिट्टी-चिकित्सा, जल-चिकित्सा, प्रकाश-चिकित्सा, हैंड-फुट बाथ, स्टीम बाथ, कपिंग और वेट-सिट पैक आदि कराए गए।

साथ ही भोजन-विधि की जानकारी भी दी गई। यहां जोड़ों के दर्द, वात रोग, पाचन संबंधी समस्या, माइग्रेन, पीसीओएस आदि रोगों के लिए चिकित्सा और परामर्श दिया गया।
विषय के जानकारों ने कहा कि प्राकृतिक तत्वों के माध्यम से शरीर के भीतर संचित विषैले पदार्थों को बाहर निकालकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है, जिससे शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। इस चिकित्सा पद्धति का यही मुख्य उद्देश्य बताया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रशांत कुमार घोष, चंदन साउ, रूपम दास आदि उपस्थित थे। उन्होंने अपने वक्तव्य में आधुनिक जीवन में योग और प्राकृतिक चिकित्सा के महत्व पर जोर दिया।
इस अवसर पर चिकित्सा प्रदान करने वालों में आनिशा के योग चिकित्सक शांतिरंजन पाल, अरिजित कुमार साहू, नवनीता दास अधिकारी, मालती मंडल सहित कई अन्य शामिल थे। पूरे कार्यक्रम का संचालन आनिशा के प्रधानाचार्य आलोक कुमार पाल ने किया।
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