तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत मेदिनीपुर स्थित विद्यासागर विश्वविद्यालय में वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा स्थापित नए औषधीय उद्यान “चरक संहिता” का उद्घाटन किया गया।
इस उद्यान का उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान, संरक्षण और पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान को बढ़ावा देना है। इस उद्यान में लगभग 80 प्रकार के औषधीय गुणों वाले पौधों का संरक्षण किया गया है, जिनमें से कुछ दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजातियां भी शामिल हैं।
इन पौधों के साथ क्यूआर कोड भी जोड़े गए हैं, जिससे उपयोगकर्ता इन पौधों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह उद्यान जंगलमहल क्षेत्र के औषधीय पौधों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि यह उद्यान भविष्य में विश्वविद्यालय के छात्रों, शोधकर्ताओं और स्थानीय लोगों के लिए औषधीय पौधों के बारे में शिक्षा, अनुसंधान और जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
इस उद्यान के माध्यम से पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान को संरक्षित और प्रचारित किया जा सकेगा। उद्घाटन समारोह में पश्चिम बंगाल सरकार की मंत्री बीरबाहा हांसदा, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर दीपक कुमार कर और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कुलपति ने इस पहल को पर्यावरण संरक्षण और शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। मंत्री बीरबाहा हांसदा ने विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना की और इसके महत्व को रेखांकित किया।
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