तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित विषय नहीं, बल्कि समाज में तर्कशीलता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसी सोच को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से पश्चिम बंगाल विज्ञान मंच की पश्चिम मेदिनीपुर जिला समिति की पहल पर मेदिनीपुर शहर के निर्मल हृदय आश्रम हाईस्कूल में जिला स्तरीय विज्ञान विषयक सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन पश्चिम बंगाल विज्ञान मंच के राज्य महासचिव सौरभ चक्रवर्ती ने किया। जिले के 19 विज्ञान केंद्रों में आयोजित प्राथमिक चरण की प्रतियोगिताओं के बाद चयनित 636 प्रतिभागियों को लेकर जिला स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित की गई। विज्ञान विषयों को सांस्कृतिक माध्यमों से प्रस्तुत करने वाली इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा और रचनात्मक सोच का परिचय दिया।
उद्घाटन के अवसर पर सौरभ चक्रवर्ती ने कहा कि संगठन के 40वें वर्ष के आयोजन के तहत राज्य के 23 जिलों में से 22 जिलों में इस तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। प्रत्येक जिले से सफल प्रतिभागियों को लेकर आगामी 26 और 27 सितंबर को कोलकाता के राजा बाजार साइंस कॉलेज में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित होगी।
उन्होंने वैज्ञानिक एवं तर्कवादी चेतना के प्रसार में समाज सुधारक तथा प्रख्यात चिकित्सक शहीद नरेंद्र अच्युत दाभोलकर के योगदान का उल्लेख किया। साथ ही वर्तमान समय में नेपाल में आई बाढ़, पर्यावरणीय संकट, शहरी ताप द्वीप तथा ग्रीनहाउस प्रभाव जैसे गंभीर विषयों पर भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के साथ-साथ उन्हें समकालीन सामाजिक एवं पर्यावरणीय समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनाया जा सकता है। प्रतियोगिता के शुभारंभ से पहले संगठन की जिला सभानेत्री डॉ. सुजाता माईती ने ध्वजारोहण किया। जिला सचिव डॉ. सुधापद बसु ने स्वागत भाषण दिया।
जिला स्तर की इस प्रतियोगिता में 50 सम्मानित निर्णायकों ने 12 विषयों की कुल 23 विभिन्न श्रेणियों में प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया। निर्णायकों में प्रख्यात संगीतज्ञ जयंत साहा, आलोक बरन माईती, विशिष्ट पत्रकार एवं पूर्व प्राध्यापक कुमारेश घोष सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित लोग शामिल रहे।
प्रतियोगिता के प्रत्येक वर्ग में सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला नेतृत्व से जुड़ी अध्यापिका सुजाता मैती, डॉ. दिलीप चक्रवर्ती, डॉ. कालीपद प्रधान, डॉ. बाबूलाल शासमल, कार्तिक चक्रवर्ती, संटू ओझा, चंद्रशेखर दास, गोपाल हरि बसु, देबव्रत दुआरी, सुषमा प्रधान, सुजीत कुमार घोष, अभिजीत दास गोस्वामी, सुब्रत घोड़ाई, दीपाली राणा, पुलक पात्र, विश्वजीत प्रामाणिक तथा खगेन्द्रनाथ माईती सहित संगठन के अन्य पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही।
विभिन्न विज्ञान केंद्रों के सचिवों तथा अन्य नेतृत्वकर्ताओं की सक्रिय उपस्थिति और सहयोग को कार्यक्रम की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। आयोजन के सफल समापन पर सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही कार्यक्रम के लिए विद्यालय परिसर उपलब्ध कराने और सहयोग करने के लिए निर्मल हृदय आश्रम हाईस्कूल के प्रबंधन एवं विद्यालय परिवार के प्रति भी संगठन की ओर से कृतज्ञता प्रकट की गई।
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