समावेश के साथ संपन्न हुआ विज्ञान मंच का तीन दिवसीय विज्ञान अभियान
तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। मेदिनीपुर शहर में गांधी मूर्ति के चरणों में आयोजित विज्ञान कार्यकर्ताओं के भव्य समावेश के साथ पश्चिम बंगाल विज्ञान मंच का तीन दिवसीय विज्ञान अभियान सफलता पूर्वक संपन्न हो गया।
विज्ञान, तर्क और जागरूकता के संदेश से ओत-प्रोत इस अभियान ने पूरे पश्चिम मेदिनीपुर जिले में जनमानस को वैज्ञानिक सोच से जोड़ने का प्रयास किया।

चार दशक की यात्रा पूर्ण करने के अवसर पर विज्ञान मंच ने “विज्ञान की रोशनी हर घर में जलाओ” के प्रेरक नारे के साथ जिले के चार अलग-अलग स्थानों से चार केंद्रीय विज्ञान अभियान जत्थे रवाना किए।
इन जत्थों को देश के महान वैज्ञानिक व समाज सुधारकों – आचार्य जगदीशचंद्र बसु, आचार्य प्रफुल्लचंद्र राय, पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर और ज्ञानचंद्र घोष के नाम पर नामांकित किया गया।
तीन दिनों तक इन जत्थों ने जिले के 65 स्थानों पर पहुंचकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, तर्कवादी कार्यक्रमों, परिचर्चाओं और जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से विज्ञान चेतना का प्रसार किया। नुक्कड़ सभाओं से लेकर संवादात्मक कार्यक्रमों तक, हर मंच पर अंधविश्वास के विरुद्ध तर्क और ज्ञान की आवाज बुलंद रही।
अभियान के अंतिम दिन मेदिनीपुर शहर में चारों केंद्रीय जत्थों ने एक साथ मिलकर विज्ञान कार्यकर्ता समावेश में भाग लिया। समावेश को संबोधित करते हुए संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफेसर प्रदीप महापात्र ने कहा कि “विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे आम जनजीवन का हिस्सा बनाना होगा। वैज्ञानिक सोच के बिना स्वस्थ समाज की कल्पना अधूरी है।”
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए जन आंदोलन खड़ा करने तथा किसानों की समस्याओं को समझने के लिए दावत बैठकों के आयोजन पर विशेष बल दिया।
जिला सचिव डॉ. सुधापद बसु ने कहा कि जिले में तर्कवादी मानसिकता को मजबूत करने के उद्देश्य से आने वाले समय में स्कूल-स्कूल में तर्कवादी कार्यक्रम, हाथों-हाथ विज्ञान शिक्षा, बाल विज्ञान उत्सव और आकाश अवलोकन जैसे कार्यक्रम पूरे वर्ष आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “देश का समग्र विकास विज्ञान और प्रौद्योगिकी को प्राथमिकता दिए बिना संभव नहीं है।”
समावेश में राज्य समिति के प्रतिनिधि प्रोफेसर तपन मिश्रा और जिला कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. दिलीप चक्रवर्ती ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान संगठन के गीत नीलू महापात्र ने प्रस्तुत किए, वहीं जत्थों के तर्कवादी कार्यकर्ताओं ने रोचक तर्कवादी प्रस्तुतियों से लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
समावेश की अध्यक्षता संगठन की अध्यक्ष प्रोफेसर सुजाता माईती ने की। पूरे कार्यक्रम ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि जब विज्ञान जनता से जुड़ता है, तब समाज की दिशा और दशा दोनों बदलती हैं।
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