तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। वीरों और क्रांतिकारियों की जन्मस्थली कहे जाने वाले मेदिनीपुर जिले के क्रांतिकारियों के इतिहास को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग को लेकर आज मेदिनीपुर में नागरिक कन्वेंशन का आयोजन किया गया।
शहर के कॉलेजिएट स्कूल के पास महान क्रांतिकारी विमल दास गुप्ता की प्रतिमा के पास आयोजित इस सम्मेलन का आयोजन लॉयर्स फोरम, जज कोर्ट, मेदिनीपुर की ओर से किया गया था।
इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में राजस्थानी नपा अध्यक्ष सौमेन खां, प्रोफेसर अभिजीत गुहा, नूपुर घोष, सुब्रत सरकार, पार्षद सत्य पोयड़ा, रीता बेरा, सुप्ति मजूमदार, रुमा दत्ता, दुलाल आद्य,
अधिवक्ता नेपाल खामराई, जितेश सिंह, नितिशा सिंह महापात्र, सुदीप चक्रवर्ती, अनूप मिश्रा, समीन राय, अमल दत्ता, संजय भगत, पूर्ण जाना, जगन्नाथ दास तथा तीर्थंकर भगत आदि शामिल थे।
सभा का संचालन प्राध्यापक विनोद मंडल ने किया, जबकि अध्यक्षता प्रोफेसर जगबंधु अधिकारी ने की। अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि हाल ही में विद्यासागर विश्वविद्यालय के प्रश्न पत्र में क्रांतिकारियों को आतंकवादी बताना दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं बल्कि आपराधिक लापरवाही है।
हम इसकी घोर निंदा करते हैं। मेदिनीपुर वीरों और क्रांतिकारियों की जन्मस्थली है। नई पीढ़ी को इसके इतिहास से अवगत कराने के लिए अविलम्ब क्रांतिकारियों के इतिहास को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। इस मांग को लेकर हम जनांदोलन करने के लिए तैयार है।
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