रोशनारा खान ने बाल विवाह और महिला उत्पीड़न के खिलाफ जागरूकता पर दिया जोर
तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। मेदिनीपुर शहर स्थित कैवल्य दायिनी (के.डी.) कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड जनरल स्टडीज का 66वां स्थापना दिवस मंगलवार को विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। समारोह का उद्घाटन मेदिनीपुर के विधायक डॉ. शंकर गुच्छाइत ने किया।
समारोह में विशिष्ट लेखिका एवं समाजसेवी रोशनारा खान, उद्योगपति मदनमोहन माइति, कॉलेज के टीचर-इन-चार्ज पांडव चंद्र माझी, प्राचार्य दुलाल चंद्र दास, पूर्व प्राचार्य दिलीप नियोगी तथा कॉलेज कमेटी के सचिव मिलन कुमार सरकार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बाल विवाह पर जताई चिंता :
समारोह को संबोधित करते हुए रोशनारा खान ने महिला उत्पीड़न और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अतीत में कम उम्र में लड़कियों की शादी और विधवाओं पर लगाए गए कठोर सामाजिक प्रतिबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि सामाजिक परिस्थितियों में काफी बदलाव के बावजूद बाल विवाह की समस्या आज भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह और महिला उत्पीड़न जैसी समस्याओं से निपटने के लिए केवल कानूनी प्रावधान पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए समाज में व्यापक जागरूकता के साथ लड़कियों की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करना जरूरी है।
1961 में शुरू हुआ था कॉलेज का सफर :
के.डी. कॉलेज की स्थापना वर्ष 1961 में मेदिनीपुर शहर में हुई थी। स्थापना के शुरुआती वर्षों में कॉलेज की पढ़ाई मेदिनीपुर कॉलेज के परिसर से संचालित होती थी। बाद में रामगढ़ के राजा ने अपनी माता के नाम पर कॉलेज प्रबंधन को जमीन दान की। इसी जमीन पर वर्तमान कॉलेज परिसर का विकास हुआ।
स्थापना काल से ही के.डी. कॉलेज ने वाणिज्य शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। वर्तमान में यहां अकाउंटेंसी, मार्केटिंग और मैनेजमेंट सहित विभिन्न विषयों की पढ़ाई होती है। इसके साथ ही बंगला, अंग्रेजी और भूगोल में भी ऑनर्स पाठ्यक्रम संचालित हैं। कॉलेज में वर्तमान में 1400 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
नए रूप में सजा कॉलेज परिसर :
66 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा और गौरवशाली परंपरा को ध्यान में रखते हुए कॉलेज परिसर को भी नए रूप में सजाया गया है। स्थापना दिवस समारोह में कॉलेज की उपलब्धियों और भविष्य की शैक्षणिक योजनाओं पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया।
समारोह में कॉलेज के शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और पूर्व विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से कॉलेज की 66 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा और सामाजिक योगदान को रेखांकित किया गया।
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