काबुल | 1 सितंबर 2025 : अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में आए तेज भूकंप ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में 800 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। भूकंप की तीव्रता 6.8 रिक्टर स्केल पर दर्ज की गई, जिसका केंद्र जलालाबाद से 27 किलोमीटर दूर बताया गया है।
📌 प्रमुख तथ्य:
- समय: रात 11:42 बजे (स्थानीय समय)
- गहराई: लगभग 10 किलोमीटर
- प्रभावित क्षेत्र: नंगरहार, कुनार, मानोगी, चपदारें और सीमावर्ती पाकिस्तान क्षेत्र
- तबाही का स्वरूप: मिट्टी और पत्थर से बने घरों के ढहने से कई गांव पूरी तरह नष्ट
🚑 राहत और बचाव कार्य:
स्थानीय प्रशासन, रेड क्रॉस और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाँ राहत कार्य में जुटी हैं। दुर्गम इलाकों में पहुँचने में कठिनाई हो रही है, लेकिन हेलीकॉप्टर और ड्रोन की मदद से राहत सामग्री पहुँचाई जा रही है। WHO और UNICEF ने तत्काल चिकित्सा सहायता और खाद्य सामग्री भेजने की घोषणा की है।
भारत की प्रतिक्रिया:
भारत सरकार ने अफगानिस्तान को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा:
“अफगानिस्तान में आए भूकंप से हुए नुकसान पर गहरा दुख है। भारत इस कठिन समय में अफगान जनता के साथ खड़ा है।”
इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में आए विनाशकारी भूकंप पर गहरी चिंता व्यक्त की, जिसमें अब तक 812 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
उन्होंने कहा, “भारत इस मुश्किल घड़ी में सहायता प्रदान करेगा। पीड़ितों के परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की हमारी प्रार्थनाएं।”
🧭 मानवीय संकट:
भूकंप के कारण हजारों लोग बेघर हो गए हैं। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष राहत शिविर बनाए जा रहे हैं। स्थानीय निवासी अब भी मलबे में अपनों की तलाश कर रहे हैं, जिससे माहौल बेहद भावुक और संवेदनशील बना हुआ है।
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