हावड़ा। प्रकृति संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल करते हुए मार्गस्था रिसर्च फाउंडेशन ने पोद्दार इंटरनेशनल स्कूल, हावड़ा के सहयोग से एक दिवसीय वृक्षारोपण और क्लाउडेड लेपर्ड दिवस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में स्कूली छात्रों, शिक्षकों, पर्यावरणविदों और वन अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही।
इस अवसर पर कुल 100 पौधों का रोपण किया गया, जिनमें महोगिनी, अशोक, आकाशमणि और कंचन जैसे बहुउपयोगी और देशज पौधों की प्रजातियाँ शामिल थीं। वृक्षारोपण का नेतृत्व अजय वर्मा, निदेशक एवं सचिव, मार्गस्था रिसर्च फाउंडेशन ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10:30 बजे एक शैक्षणिक सत्र से हुई, जिसमें नेशनल ताइवान यूनिवर्सिटी की पीएच.डी. शोधार्थी सौमी पांजा ने माइक्रो प्लास्टिक, कचरा प्रबंधन, और स्थायी जीवनशैली पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। उनके संवाद ने छात्रों को अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण के प्रति जागरूक और ज़िम्मेदार बनने की प्रेरणा दी।
प्राणी विज्ञानी सुत्रिस्ना हाल्दर द्वारा प्रस्तुत सत्र में क्लाउडेड लेपर्ड की जीवनशैली, आवासीय संकट और संरक्षण की नीतियों पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि यह संकटग्रस्त प्रजाति पूर्वोत्तर भारत और हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाती है और इसका संरक्षण वर्तमान समय की प्रमुख आवश्यकताओं में से एक है।

कार्यक्रम के दौरान मार्गस्था रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष रंजन साव ने छात्रों को “हरित योद्धा” बनने का संदेश दिया और कहा – “पर्यावरण संरक्षण केवल अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सतत कर्तव्य है।”
उन्होंने स्वयं वृक्षारोपण कर इस संकल्प को प्रत्यक्ष रूप से साकार किया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या, शबनम भौमिक को पर्यावरणीय शिक्षा में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
हावड़ा वन विभाग के डीएफओ दीपक कुमार मंडल द्वारा इस अभियान के लिए निःशुल्क पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। विद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी अभिषेक रॉय चौधरी ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा – “यह आयोजन छात्रों के लिए एक अनुभवात्मक शिक्षा का माध्यम बना, जो उन्हें प्रकृति के साथ संतुलित जीवन के लिए प्रेरित करेगा।”
यह आयोजन मार्गस्था रिसर्च फाउंडेशन और पोदार इंटरनेशनल स्कूल की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक बना – जहां शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण साथ चलते हैं। इस प्रयास ने न सिर्फ वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया, बल्कि छात्रों को पर्यावरणीय नेतृत्व के लिए तैयार करने की दिशा में एक ठोस कदम सिद्ध हुआ।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।




