कोलकाता हिन्दी न्यूज़ | स्पोर्ट्स डेस्क : भारत की स्टार पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी और पूर्व विश्व चैंपियन मानसी जोशी ने साफ कहा है कि उनका अगला बड़ा लक्ष्य फरवरी में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक वापस जीतना है।
गोदरेज इंडस्ट्रीज असिस्टिव टेक कॉन्फ्रेंस में PTI से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने कठिन 2025 सीज़न, चोटों से उबरने की यात्रा और आने वाले वर्षों की रणनीति पर विस्तार से बात की।
🥇 “2019 वाला गोल्ड वापस पाना है”
मानसी ने बताया कि उन्हें विश्व चैंपियनशिप के लिए आधिकारिक चयन पत्र मिल चुका है और वे तीनों इवेंट—

- सिंगल्स
- डबल्स
- मिक्स्ड डबल्स
में क्वालिफाई कर चुकी हैं। इसे उन्होंने अपने करियर का गर्व का पल बताया।
🏸 लगातार शानदार प्रदर्शन:
पिछले कुछ महीनों में मानसी ने बेहतरीन फॉर्म दिखाया है—
- जापान इंटरनेशनल: एक स्वर्ण (महिला), एक कांस्य (मिक्स्ड)
- ऑस्ट्रेलिया: एक स्वर्ण (मिक्स्ड), एक कांस्य (सिंगल्स)
- इंडोनेशिया: एक रजत, एक कांस्य
उन्होंने कहा कि पैरालंपिक के बाद रैंकिंग गिर गई थी क्योंकि उन्होंने कम टूर्नामेंट खेले थे, इसलिए दोबारा भारत की टॉप-3 में आने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी।
⚡ खेलना चुनौतीपूर्ण, रिकवरी सबसे अहम
मानसी ने कहा— “तीन इवेंट खेलना चुनौतीपूर्ण है… लेकिन यही हमारे खेल की हक़ीक़त है। मैच खत्म करो, जल्दी रिकवर करो और अगले मैच में पूरी ऊर्जा के साथ उतर जाओ।”
उन्होंने बताया कि— ट्रेनिंग रोज़ 6–8 घंटे चलती है। प्रतियोगिता के दिनों में मैचों के बीच तेज़ एडजस्टमेंट करना पड़ता है। युवा खिलाड़ियों के आने से प्रतिस्पर्धा और तेज़ हो गई है।
💔 पेरिस पैरालंपिक का दर्द
पेरिस पैरालंपिक में ग्रुप स्टेज से बाहर होना उनके लिए भावनात्मक रूप से कठिन था। उन्होंने कहा कि इसी कारण उन्होंने कुछ समय का ब्रेक लिया और इस दौरान— सिंगापुर, हांगकांग, और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दिव्यांगता और खेल से जुड़े मुद्दों पर बात की। यह ब्रेक उन्हें मानसिक रूप से रीसेट करने में मददगार रहा।
🏥 सर्जरी और कठिन रिकवरी
जून में मानसी की मल्टीपल यूटेराइन फाइब्रॉइड्स की सर्जरी हुई, जिससे उनका सीज़न और बाधित हुआ। रिकवरी में ढाई महीने लगे। प्रोस्थेटिक यूज़र होने के कारण यह प्रक्रिया और कठिन थी। उन्होंने हैदराबाद की गोपीचंद एकेडमी और अपने कोच राजेंद्र कुमार जक्कमपुडी को प्रशिक्षण और रिहैबिलिटेशन में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
🏆 2026 और चुनौतीपूर्ण
मानसी ने बताया कि 2026 बेहद व्यस्त रहेगा क्योंकि—विश्व चैंपियनशिप, एशियन गेम्स दोनों एक ही साल में हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह शेड्यूलिंग खिलाड़ियों के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से बड़ी चुनौती होगी।
मानसी जोशी का लक्ष्य स्पष्ट है— फरवरी की विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक वापस जीतना। उनकी फॉर्म, दृढ़ता और रिकवरी जर्नी बताती है कि वे इस चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
✅ निष्कर्ष
कुल मिलाकर, जोशी की बातचीत ने उनके धैर्य, अनुशासित तैयारी और नए उत्साह को दर्शाया, जब वे गोदरेज इंडस्ट्रीज़ असिस्टिव टेक कॉन्फ़्रेंस में भाग लेते हुए निर्णायक 2026 सीज़न के लिए तैयारी कर रही थीं।
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