कोलकाता। शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार मामले में प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य की पत्नी व बेटे सरेंडर करने बैंकशाल कोर्ट पहुंचे हैं। माणिक की पत्नी शतरूपा भट्टाचार्य और बेटा शौविक भट्टाचार्य शनिवार को बैंकशाल कोर्ट गए हैं। इस मामले में चार्जशीट में इनके नाम थे। उसी के आधार पर कोर्ट ने माणिक की पत्नी और बेटे को तलब किया था। शनिवार को दोनों ने कोर्ट में सरेंडर कर जमानत के लिए अर्जी दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने माणिक की पत्नी और बेटे की जमानत याचिका का विरोध किया है।

खास बात यह है कि माणिक की पत्नी का एक मृत बैंकर के साथ संयुक्त बैंक खाता है। ईडी का दावा है कि उस खाते में तीन करोड़ रुपये हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी ने पहले अदालत को बताया था कि जिस व्यक्ति के साथ माणिक की पत्नी का बैंक में संयुक्त खाता है, उसका नाम मृत्युंजय चक्रवर्ती है। 2016 में उनका निधन हो गया था। लेकिन अभी तक उनका नाम अकाउंट से नहीं हटाया गया है। बल्कि उस बैंक खाते में कई करोड़ रुपये का लेन-देन भी हुआ है। ईडी के वकील के मुताबिक ये धोखाधड़ी के पैसे हो सकते हैं।

ईडी ने प्राथमिक भर्ती घोटाला मामले में आरोपित माणिक पर वित्तीय गबन का आरोप लगाया है। माणिक के बेटे शौविक भट्टाचार्य की भूमिका भी जांच के दायरे में है। शौविक पर राज्य के कई शिक्षण संस्थानों से अवैध रूप से पैसे निकालने का आरोप है। ईडी का आरोप है कि माणिक के नाम पर कई बेनामी संपत्तियां मिली हैं। यहां तक कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि भर्ती भ्रष्टाचार की जांच में उनके बेटे शौविक के नाम से बड़ी संपत्ति मिली है। दावा किया गया है कि माणिक के बेटे के संगठन ने कभी राज्य के 530 निजी बीएड और डीएलएड कॉलेजों से करोड़ों रुपये लिए थे।

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