ममता सरकार ने पंचायत व्यवस्था के क्षेत्र में जीते 14 राष्ट्रीय पुरस्कार

कोलकाता। बंगाल की ममता सरकार को पंचायत व्यवस्था के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए केंद्र से 14 राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। सूबे के जिला परिषदों, पंचायत समितियों व ग्राम पंचायतों ने ये पुरस्कार जीते हैं। हर साल की तरह 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर दिल्ली में ये पुरस्कार दिए जाएंगे।गौरतलब है कि 100 दिवसीय कार्य, आवास योजना और ग्रामीण सड़क निर्माण के मामले में बंगाल कई बार प्रथम स्थान पर रहा है। राज्य के पंचायत मंत्री पुलक राय ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मार्गदर्शन में पंचायत विभाग उत्साह से काम कर रहा है।

आने वाले समय में सूबे की पंचायत व्यवस्था को और मजबूत करने और इसके माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक सेवाएं मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री ने आगे कहा कि पंचायत के विकेंद्रीकरण के कारण ही यह सफलता मिली है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक पूर्व बद्र्धमान के मेमारी-2 ब्लाक के विदुर-2 ग्राम पंचायत को केंद्र से ‘शिशु बांधव ग्राम पंचायत अवार्ड’ मिला है। ‘ग्राम पंचायत डेवलपमेंट अवार्ड’ उत्तर दिनाजपुर जिले के गोआलपोखर-1 की गोवागांव-1 ग्राम पंचायत को मिला है। बीरभूम जिले की इलमबाजार ग्राम पंचायत को ‘राष्ट्रीय गौरव ग्रामसभा पुरस्कार’ मिला है।

इसके अलावा बंगाल की झोली में 11 पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार भी आए हैं। पुरस्कार पाने वालों में उत्तर व दक्षिण 24 परगना, पूर्व व पश्चिम बर्द्धमान, बांकुड़ा, दक्षिण दिनाजपुर और पुरुलिया के जिला परिषद व जिला समितियां शामिल हैं। केंद्र सरकार के अधिकारियों ने प्रत्येक इलाके का बारीकी से मुआयना किया, उसके बाद बंगाल को ये पुरस्कार दिए गए हैं। पंचायत विभाग के सूत्रों ने बताया कि ममता के मुख्यमंत्री बनने के बाद पंचायत विभाग के कामकाज में तेजी आई है। मुख्यमंत्री खुद समय-समय पर प्रशासनिक बैठकों के जरिए इसकी मानिटरिंग करती हैं।

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