ममता ने प्रधानमन्त्री से गंगासागर मेला को राष्ट्रीय मेला घोषित करने की मांग की

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में स्थित गंगासागर में मकर संक्रांति के अवसर पर मेला का आयोजन प्रत्येक साल किया जाता है। मुख्यमंत्री ने गंगासागर मेला की तैयारियों की समीक्षा की तथा प्रधानमन्त्री से गंगासागर मेला को राष्ट्रीय मेला घोषित करने की मांग की, साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को गंगासागर में कपिलमुनि मंदिर में पूजा अर्चना की। ममता बनर्जी तीन दिवसीय गंगासागर दौरे पर पहुंची हैं। इस अवसर पर ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गंगासागर मेला को राष्ट्रीय मेला घोषित करने की मांग करते हुए कहा कि इसके पहले भी वह इस बारे में प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिख चुकी हूं, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। उल्लेखनीय है कि मकर संक्रांति के अवसर पर प्रतिवर्ष 12 जनवरी से गंगासागर मेला का आयोजन होता है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन गंगासागर में पुण्य स्नान की परंपरा है।

मुख्यमंत्री ने गंगासागर मेला 2022 को इको-फ्रेंडली और प्लास्टिक-मुक्त बनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी को लेकर सरकार की तरफ से जारी किये गये सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए गंगासागर मेले का आयोजन किया जायेगा। गंगासागर में 600 बेडों की सुविधा वाला अस्पताल खोला गया है। ममता बनर्जी ने कहा कि यहां 20 लाख लोग हर साल आते हैं। आप कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मेला में आये। मेला को लेकर पूरा इंतजाम किया गया है। अम्फान और यास जैसे प्राकृतकि आपदा में बहुत कुछ नष्ट हो गया था, लेकिन हम लोगों ने विकास का सब काम कर दिया है।

तूफान के कारण जो नष्ट हो गये थे। उनकी मरम्मत कर दी गई है, ताकि जब लोग आए, तो कोई असुविधा नहीं हो। प्रधानमंत्री मोदी को गंगासागर मेला को राष्ट्रीय मेला घोषित करने के लिए कई बार पत्र दिये हैं, लेकिन जवाब नहीं मिला है। कुंभ यदि एक है, तो इसे राष्ट्रीय मेला-दो घोषित किया जाए। पहले बोला जाता था कि सारे तीर्थ बार-बार गंगासागर एक बार, लेकिन अब लोग बार-बार गंगासागर आते हैं। गंगासागर मेले में कुंभ से भी अच्छा इंतजाम होता है। नदी पार कर गंगासागर आना होता है।

संत ज्ञानदास ने प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने बंगाल का कल्याण किया है। ऐसे ही देश का कल्याण होगा। हमारी प्रार्थना है दीदी को और आगे बढ़ाये। दीदी से प्रार्थना किये थे कि गंगासागर में मंदिर बना दें। उन्होंने मंदिर बना दिया। 35 साल तक कम्युनिस्ट था, मंदिर नहीं बना था। यह जनता की देन है कि ममता बनर्जी फिर से मुख्यमंत्री बनीं है। यहां बहुत ही बढ़िया काम हुआ है। महंत ज्ञानदास ने कहा कि गंगासागर मेला को राष्ट्रीय मेला घोषित किया जाना चाहिए, लेकिन जब तक बीजेपी रहेगी, तब-तक राष्ट्रीय मेला घोषित नहीं होगा।

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