राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष को एकजुट होने का किया आह्वान ममता बनर्जी ने

कोलकाता । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को विधानसभा में गृह विभाग के बजट पर हुई बहस का जवाब देते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाया और इसके साथ ही राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष को एकजुट होने का किया आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बिना विरोधी दलों के एकजुट हुए विरोधी दल की वैतरणी पार नहीं होगी। बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव इस साल जुलाई में होना है। ममता बनर्जी ने बुधवार को विधानसभा में गृह विभाग के बजट पर हुई बहस का जवाब देते हुए कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष को मदद की जरूरत होगी। अगर हम सब एक नहीं होंगे, तो वैतरणी पार करना संभव नहीं है। बीजेपी की जीत पर कहा कि इतना आनन्दित होने का कोई कारण नहीं है। जीतने वालों को बधाई। ममता बनर्जी विधानसभा में गृह विभाग के बजट पर हुई बहस का जवाबी भाषण दे रही थी। उस समय बीजेपी के विधायकों ने हंगामा किया और बाद में विधानसभा की कार्यवाही से वॉकआउट कर गए।

हालांकि एनडीए को भरोसा है कि वह विपक्षी खेमे के बहुत सारे दलों का समर्थन हासिल कर आसानी से राष्ट्रपति चुनाव जीत सकता है। उसकी पहली कोशिश तो राष्ट्रपति पद पर निर्विरोध निर्वाचन की होगी। इसके लिए वह विपक्षी दलों से बात भी करेगा। लेकिन राजनीति में सत्ता पक्ष व विपक्ष में मौजूदा टकराव को देखते हुए निर्विरोध निर्वाचन की संभावना कम है। विपक्ष अपना उम्मीदवार खड़ा कर भाजपा और एनडीए को चुनौती दे सकता है। इसकी ममता बनर्जी ने शुरुआत कर दी है।

ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मलय घटक, अभिषेक बनर्जी और अनुब्रत मंडल को सीबीआई ने तलब किया है। वे सोच रहे हैं कि इस तरह से टीएमसी को अटकाया जाएगा, लेकिन यह संभव नहीं है। विरोधी दल के लोगों पर मामला दायर करने के आरोप पर ममता बनर्जी ने कहा कि यदि कोई दोष करता है, तो विरोधी दल से ज्यादा अपने लोगों को गिरफ्तार करवाती हैं। साल 2024 के पहले बंगाल में अशांति पैदा करने की कोशिश की जा रही है। यह साजिश के तहत किया जा रहा है। कभी राम और कभी श्याम के नाम पर बंगाल को अशांत करने की कोशिश की जा रही है। ममता बनर्जी ने कहा कि कोरोना से 120 पुलिसकर्मियों की मौत हुई है। पुलिस ने रेड लाइट एरिया में भी काम किया है। निर्भया कांड के लिए बंगाल सरकार को 92 करोड़ रुपये मिले है। 54 करोड़ खर्च किए गए हैं बाकी होगा, यह राज्य का पैसा है।

विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य में प्रजातांत्रिक व्यवस्था का गला घोंटा जा रहा है। राज्यपाल सही कहते हैं कि बंगाल गैस के चैंबर में बदल गया है। ममता व्यक्तिगत हमला करती हैं, जबकि विकास को लेकर कोई जवाब नहीं दिया जाता है। विरोधी दलों को बोलने नहीं दिया जाता है।

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