कोलकाता, 19 फरवरी 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इस बार विवाद श्री रामकृष्ण परमहंस की जयंती पर पीएम मोदी की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुआ है।
ममता बनर्जी ने पीएम पर बंगाल की सांस्कृतिक अस्मिता और महान हस्तियों के प्रति असंवेदनशीलता का आरोप लगाया है।
पीएम मोदी की पोस्ट और ममता का पलटवार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया: “स्वामी रामकृष्ण परमहंस जी को उनकी जन्म-जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने अध्यात्म और साधना को जिस प्रकार जीवनशक्ति के रूप में स्थापित किया, वह हर युग में मानवता का कल्याण करता रहेगा। उनके सुविचार और संदेश सदैव प्रेरणापुंज बने रहेंगे।”

Shocked again!
Yet again, our Prime Minister aggressively displays his cultural insensitivity to great figures of Bengal. Today is the janmatithi of Yugavatara (God's incarnation in our age) Sri Sri Ramakrishna Paramahamsadeva. While trying to hail the great saint on this… https://t.co/f7GqFkbcHy
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) February 19, 2026
ममता बनर्जी ने इस पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी: “हैरान हूं! एक बार फिर, हमारे प्रधानमंत्री ने बंगाल की महान हस्तियों के प्रति अपनी सांस्कृतिक असंवेदनशीलता का आक्रामक प्रदर्शन किया है। आज युगावतार श्री श्री रामकृष्ण परमहंसदेव की जन्मतिथि है। इस अवसर पर महान संत को श्रद्धांजलि अर्पित करने के प्रयास में, हमारे प्रधानमंत्री ने महान संत के नाम के आगे ‘स्वामी’ जैसा अभूतपूर्व और अनुचित उपसर्ग जोड़ दिया।”
ममता ने आगे कहा: “जैसा कि सभी जानते हैं कि श्री रामकृष्ण को व्यापक रूप से ठाकुर (भगवान) के रूप में पूजा जाता था। उनके तपस्वी शिष्यों ने अपने गुरु के निधन के बाद रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन की स्थापना की और उन भिक्षुओं को भारतीय परंपराओं के अनुसार स्वामी कहा जाने लगा।
लेकिन वह गुरु, आचार्य, स्वयं ठाकुर के नाम से ही जाने जाते रहे। स्वामी उपसर्ग रामकृष्ण संघ में उनके शिष्यों के लिए था। लेकिन संघ की पवित्र त्रिमूर्ति ठाकुर-मां-स्वामीजी ही रही। ठाकुर श्री श्री रामकृष्ण परमहंसदेव हैं, मां मां शारदा हैं, और स्वामीजी स्वामी विवेकानंद हैं।”
मुख्यमंत्री ने पीएम से विनम्र निवेदन किया: “मैं प्रधानमंत्री से विनम्र निवेदन करता हूं कि वे आधुनिक भारत को आकार देने वाले बंगाल के महान पुनर्जागरणकालीन व्यक्तित्वों के लिए नए उपसर्ग और प्रत्यय न खोजें।”
राजनीतिक संदर्भ
यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। ममता बनर्जी लगातार पीएम मोदी पर बंगाल की अस्मिता को निशाने पर लेने का आरोप लगाती रही हैं। इस बार उन्होंने सांस्कृतिक संवेदनशीलता का मुद्दा उठाकर पीएम को निशाना बनाया है।
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