कोलकाता | 3 फरवरी 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत–बांग्लादेश सीमा पर कंटीली बाड़ लगाने का काम राज्य सरकार के असहयोग के कारण पूरा नहीं हो सका है।
शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि सीमा सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भी राज्य सरकार ने केंद्र और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ सहयोग नहीं किया, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
त्रिपुरा–असम में 100% बाड़बंदी
संवाददाता सम्मेलन में शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “त्रिपुरा, असम और मेघालय में भारत–बांग्लादेश सीमा पर शत-प्रतिशत बाड़बंदी हो चुकी है, लेकिन पश्चिम बंगाल में आज भी यह काम अधूरा है।”

उन्होंने कहा कि इसके पीछे सबसे बड़ा कारण राज्य सरकार द्वारा सीमा पर आवश्यक भूमि BSF को न सौंपना है।
घुसपैठ से जनसांख्यिकीय बदलाव का आरोप
शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि
- बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ के जरिए राज्य में जनसांख्यिकीय बदलाव किया जा रहा है
- कई इलाकों में हिंदू त्योहारों के आयोजन पर असर पड़ रहा है
उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर प्रभावी रोक विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा सरकार बनने पर ही संभव होगी।
ममता बनर्जी को ठहराया जिम्मेदार
नंदीग्राम से विधायक शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि जब भी सीमा सुरक्षा का मुद्दा उठता है, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके सहयोगी बीएसएफ को निशाना बनाते हैं।
उन्होंने कहा, “जब अवैध बांग्लादेशी या रोहिंग्या घुसपैठ, फर्जी आधार, राशन कार्ड या पैन कार्ड पकड़े जाते हैं, तब तृणमूल कांग्रेस बीएसएफ, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार को दोषी ठहराती है।”
शुभेंदु ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री लोगों को झाड़ू और रसोई के बर्तनों से बीएसएफ कर्मियों पर हमला करने के लिए उकसाती हैं, और कुछ मंत्री भी बल के खिलाफ भड़काऊ बयान देते हैं।
हाईकोर्ट का आदेश भी बना दबाव
भाजपा नेता ने बताया कि कलकत्ता हाई कोर्ट ने पिछले सप्ताह आदेश दिया था कि
- नौ जिलों में भारत–बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए
- जिन भूखंडों के लिए केंद्र से मुआवजा पहले ही मिल चुका है
- उन्हें 31 मार्च तक BSF को सौंपा जाए
इसके बावजूद राज्य सरकार ने अभी तक जमीन नहीं सौंपी है।
अमित शाह का दावा: 45 दिन में पूरी होगी बाड़बंदी
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में उत्तर 24 परगना के बैरकपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में आश्वासन दिया है कि
“अगर आगामी विधानसभा चुनावों के बाद बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो 45 दिनों के भीतर सीमा पर कंटीली बाड़ लगाने का काम पूरा कर दिया जाएगा।”

उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ सिर्फ बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा के लिए खतरा है।
यह बयान बंगाल में सीमा सुरक्षा को चुनावी मुद्दा बना रहा है। आपके हिसाब से घुसपैठ रोकने में राज्य सरकार की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है? कमेंट में बताइए! 🇮🇳🚧
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