कोलकाता | 11 नवंबर 2025 : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें सांप्रदायिक सद्भाव, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण का प्रतीक बताया।
🗣️ ममता बनर्जी का संदेश
- ममता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा:
“मैं हिंदू-मुस्लिम सद्भाव के प्रतीक, महान स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद् और पूर्व केंद्रीय मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद को उनकी जयंती पर अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।”
देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना आजाद भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेताओं में से एक थे और उन्होंने स्वतंत्रता के बाद देश की शिक्षा नीति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
📚 मौलाना आजाद: शिक्षा और स्वतंत्रता संग्राम के स्तंभ
- देश के पहले शिक्षा मंत्री
- भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता
- शिक्षा नीति के शिल्पकार, जिन्होंने
- यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC)
- IITs और अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों की नींव रखी
- सांप्रदायिक सद्भाव और राष्ट्र निर्माण के पक्षधर



